- महाप्रबंधक कार्यालय के सामने शव रखकर किया प्रदर्शन - परिजनो में आक्रोश व्याप्त कोरबा (ईएमएस) जानकारी के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना कुसमुंडा कोयला खदान में ड्यूटी के दौरान एक मजदूर की तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजनों और सहकर्मियों ने ठेका कंपनी से मुआवजे और नौकरी की मांग करते हुए महाप्रबंधक कार्यालय के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान जांजगीर-चांपा जिले के कठरा बुड़गहन निवासी कांशी दास महंत (34) के रूप में की गयी हैं। बताया जा रहा हैं की वह कुसमुंडा थाना क्षेत्र के नरईबोध में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था और एक निजी ठेका कंपनी में कोल सैंपलिंग का काम करता था। जानकारी के अनुसार कांशी दास महंत रात पाली में ड्यूटी पर था। सुबह घर लौटने से पहले ही कार्यस्थल पर उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर गया। सहकर्मी उसे तत्काल विकासनगर स्थित एसईसीएल डिस्पेंसरी ले गए, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। तदुपरांत उसे कोसाबाड़ी स्थित एक निजी चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सको ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मॉर्च्युरी में कांशी के सहकर्मियों ने उक्त निजी ठेका कंपनी के कोऑर्डिनेटर से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा और नौकरी की मांग करी। बताया जा रहा हैं की कोऑर्डिनेटर से संतोषजनक जवाब न मिलने पर वे आक्रोशित हो गए। इसके बाद ग्रामीण और सहकर्मी शव को लेकर महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान निजी कंपनी के कोऑर्डिनेटर अपने दो सहयोगियों के साथ वहां पहुंचे। लेकिन श्रमिक हित से जुड़े सवालों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। * 2 लाख की सहायता और नौकरी का मिला आश्वासन स्थिति को बिगड़ता देख एसईसीएल प्रबंधन और ठेका कंपनी के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। काफी जद्दोजहद के बाद एसईसीएल प्रबंधन और ठेका कंपनी की ओर से मृतक के परिवार को 1-1 लाख रुपये (कुल ₹2 लाख) की फौरी आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को ठेका कंपनी में नौकरी प्रदान की शर्तों पर सहमति बनी। सहमति बनने और लिखित आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त किया और शव को पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार के लिए ले गए। 22 जनवरी / मित्तल