भोपाल (ईएमएस)। डायबिटिक रेटिनोपैथी की जांच के लिए जयप्रकाश जिला चिकित्सालय में जांच केंद्र की शुरुआत की गई है। यहां पर एआई फंडस कैमरा द्वारा नि:शुल्क फंडस स्क्रीनिंग की जाएगी। डायबिटिक रेटिनोपैथी पाए जाने पर मरीज का उपचार हमीदिया अस्पताल में कराया जाएगा। केंद्र का संचालन अमृता दृष्टि नेत्र स्वास्थ्य कार्यक्रम के सहयोग से किया है। केंद्र के शुभारम्भ अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. प्रभाकर तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा, सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन सहित आरंभ संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस केंद्र को अस्पताल में चल रहे असंचारी रोग क्लीनिक से लिंक किया गया है। 40 साल से अधिक उम्र के लोगों की डायबिटीज और उच्च रक्तचाप की जांच के बाद डायबीटिक रेटिनोपैथी का परीक्षण नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह पर किया जाएगा। निजी क्षेत्र में इस जांच पर दो से ढाई हजार रुपए का खर्चा आता है। डायबिटिक रेटिनोपैथी डायबिटीज के कारण आंख के परदे पर होने वाली बीमारी है। इसमें आंख के परदे पर हल्के खून के छींटे देखने को मिलते हैं। इस बीमारी में विजन जाने के बाद पुनः नजर को वापस नहीं लाया जा सकता है। बीमारी में प्रारंभ में कोई स्पष्ट लक्षण या दर्द नहीं होता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ.मनीष शर्मा ने बताया कि अक्षर कटे या तिरछे दिखना, बारीक अक्षर पढ़ने में परेशानी होना, रोशनी की कमी महसूस होना या धुंधला दिखाई देना काले धब्बे या काली रेखाएं दिखना इसके लक्षण है। डायबिटीज के रोगियों को नेत्र चिकित्सक की सलाह से इसकी जांच अवश्य करानी चाहिए । इसका उपचार दवा अथवा लेजर द्वारा किया जा सकता है।