अंतर्राष्ट्रीय
22-Jan-2026
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दावोस,(ईएमएस)। दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के पहले चार्टर का औपचारिक रूप से ऐलान किया। संयुक्त राष्ट्र की तर्ज पर गठित इस नए अंतरराष्ट्रीय मंच का शुरुआती फोकस गाजा संकट पर रहेगा, हालांकि भविष्य में इसका उद्देश्य दुनियाभर के विवादों और संघर्षों को सुलझाना बताया गया है। पाकिस्तान सहित कई देशों ने इस बोर्ड की सदस्यता के लिए सहमति दे दी है। बोर्ड ऑफ पीस के लांच के मौके पर ट्रंप ने गाजा में जारी सीजफायर को लेकर हमास को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत हमास को अपने हथियार छोड़ना होगा, अन्यथा यह संगठन के अंत की शुरुआत होगी। ट्रंप ने कहा, “वे हथियारों के साथ पैदा हुए हैं, लेकिन अब उन्हें उन्हें छोड़ना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो इसका अंजाम गंभीर होगा। दावोस में हुए ऐलान के समय एक दर्जन से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री और शीर्ष राजनयिक मौजूद थे। इस अवसर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव सहित कई नेताओं ने मंच साझा किया। ट्रंप ने कहा कि बोर्ड के पूरी तरह सक्रिय हो जाने के बाद यह लगभग किसी भी वैश्विक चुनौती से निपटने में सक्षम होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह संगठन संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करेगा। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि संयुक्त राष्ट्र की क्षमताओं का अब तक पूरी तरह उपयोग नहीं हो पाया है। इस बोर्ड की अध्यक्षता खुद ट्रंप करने वाले है। उन्होंने कई अन्य विश्व नेताओं को इसमें शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। हालांकि अमेरिका के पारंपरिक पश्चिमी सहयोगी और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अन्य स्थायी सदस्य इस पहल में शामिल होने को लेकर अभी संकोच में हैं। ट्रंप के अनुसार, बोर्ड के स्थायी सदस्यों को एक-एक बिलियन डॉलर का फंड योगदान देना होगा। कार्यक्रम के दौरान कई देशों के प्रमुखों ने सदस्यता से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने घोषणा की कि चार्टर के लागू होने के साथ ही बोर्ड ऑफ पीस औपचारिक रूप से एक अंतरराष्ट्रीय संगठन बन गया है। आशीष दुबे / 22 जनवरी 2026