राज्य
22-Jan-2026
...


कहा- फार्म 7 के जरिए मुसलमान, आदिवासी के काट रहे वोट भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश में एसआईआर को लेकर कांग्रेस में रार जारी है। इसी कड़ी में फार्म 7 को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से शिकायत की है। उन्होंने कहा कि 11 लाख नाम तीन दिन में बढ़ाना। 3 लाख से 11 लाख हो जाना, फार्म 7 के जरिए साजिश की जा रही है। फार्म 7 के अंतर्गत 50-50 वोटों की रक्षा के लिए मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई है। मीडिया रिपोर्ट है। जब यह शुद्धिकरण है तो बीजेपी के मंत्रियों की ड्यूटी क्यों लगा, बीजेपी एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी के नाम कटवा रही है। फॉर्म 7 का दुरुपयोग कर रही है, फार्म 7 के अंतर्गत एक व्यक्ति एक आपत्ति ले सकता है लेकिन बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने 25-25 आपत्तियां दी है। इसके प्रमाण हमने निर्वाचन आयोग को दिए हैं। आरोप है कि इन फॉर्मों का इस्तेमाल विशेष रूप से एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक को मतदाता सूची से बाहर करने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जिन फॉर्म-7 के जरिए वोटर के नाम हटाने की प्रक्रिया चल रही है, वे प्री-प्रिंटेड (पहले से भरे हुए) हैं। इन फॉर्मों में विधानसभा क्रमांक, विधानसभा का नाम, जिस मतदाता का नाम हटाना है, उसका नाम और विवरण पहले से दर्ज है। चौंकाने वाली बात यह है कि आवेदन देने वाले व्यक्ति का नाम नहीं है किसी भी आवेदक के हस्ताक्षर नहीं हैं। कांग्रेस का कहना है कि यह न सिर्फ चुनाव आयोग की प्रक्रिया का उल्लंघन है, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों पर सीधा हमला है। जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी चुनाव हारने के डर से अब मैदान में नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट में खेल कर रही है। बिना आवेदक के नाम और हस्ताक्षर वाले प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 लोकतंत्र की हत्या का प्रमाण हैं। एसटी, एससी, अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग के मताधिकार को छीनने की यह एक सोची-समझी साजिश है। जीतू पटवारी ने आगे कहा कि अगर चुनाव आयोग ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया, तो कांग्रेस सडक़ों से लेकर न्यायालय तक इस मुद्दे को ले जाएगी। हम एक भी मतदाता का नाम गलत तरीके से कटने नहीं देंगे। एक व्यक्ति ने दी 25-25 आपत्तियां पटवारी ने आरोप लगाया कि नियमों के अनुसार फॉर्म-7 के तहत एक व्यक्ति केवल एक ही आपत्ति दर्ज करा सकता है, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक-एक व्यक्ति द्वारा 25-25 आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने कहा कि इसके प्रमाण निर्वाचन आयोग को सौंप दिए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बूथ लेवल अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी बूथ पर अनियमितता पाई गई, तो संबंधित बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। पटवारी ने कहा कि यदि आपने भाजपा के दबाव में आकर नाम अवैध तरीके से जोड़े या काटे, तो पुलिस कार्रवाई होगी। आपके लिए भाजपा के लोग हथेली लगाने नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि कुछ बीएलओ ईमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ भाजपा नेताओं के प्रभाव में काम कर रहे हैं, जिससे उनकी पूरी सर्विस रिकॉर्ड खराब हो सकती है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बीएलओ का काम कर रहे हैं और यदि भाजपा के लिए काम किया गया तो थाने और जेल तय हैं। फर्जी आपत्तियों का भी आरोप पटवारी ने नया आरोप लगाते हुए कहा कि कई मतदाताओं को इसकी जानकारी तक नहीं है और उनके नाम से ऑनलाइन फर्जी आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं। यह खासतौर पर अल्पसंख्यक और आदिवासी क्षेत्रों में हो रहा है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी करके चुनाव जीतने की कोशिश की जा रही है। पटवारी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मंत्री विश्वास सारंग बीता चुनाव हार चुके थे। उनकी सीट और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों से करीब एक-एक लाख वोट कम हुए हैं, जहां जीत-हार का अंतर इतना ही रहता है। उन्होंने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मांग की गई है कि इन गड़बडिय़ों पर तत्काल रोक लगाई जाए।