-मायावती ने दी गणतंत्र दिवस शुभकामनाएं, कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की नई दिल्ली,(ईएमएस)। गणतंत्र दिवस के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने देश और दुनिया भर में रहने वाले भारतीयों को बधाई दी। उन्होंने इस मौके पर आत्मचिंतन का आह्वान करते हुए सरकारों की नीतियों की कड़ी आलोचना की। मायावती ने साफ कहा है कि संविधान पर गर्व करने का महत्व तभी है जब इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके साथ ही बसपा संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की केंद्र सरकार से मांग की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबकि मायावती ने सरकारों के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज यह ईमानदार आकलन करने की जरूरत है कि जनता को दावों और लुभावने वादों की भूलभुलैया में कब तक उलझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारों को अपनी छलावापूर्ण बातों से अलग हटकर यह देखना चाहिए कि क्या संविधान की मंशा के हिसाब से सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र मजबूत हुआ है? उन्होंने जोर दिया कि जब तक इस भूलभुलैया से बाहर निकलकर लोगों के जीवन स्तर में सुधार नहीं किया जाएगा, तब तक समस्याओं से मुक्ति संभव नहीं है। गणतंत्र दिवस के संदेश में मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि देश में बहुजन समाज के करोड़ों गरीबों, शोषितों और पीड़ितों को आत्म-सम्मान का जीवन दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले कांशीराम को उनके करोड़ों अनुयायियों की चाहत के मुताबिक अब बिना और देरी किए भारत रत्न दिया जाना चाहिए। यह पूरी तरह उचित होगा और बसपा इसकी मांग लगातार करती आ रही है। बसपा प्रमुख ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्मश्री और वीरता पुरस्कारों से सम्मानित होने वाले नागरिकों और उनके परिवारों को भी बधाई दी। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा देने वालों के योगदान की सराहना की। मायावती ने जोर दिया कि संविधान की सर्वसमाज हितैषी मंशा को लागू करना ही गणतंत्र की असली सफलता है। उन्होंने आगाह किया कि केवल बातों से नहीं, बल्कि ठोस नीतियों और निष्ठापूर्वक अमल से ही जनकल्याण संभव है। सिराज/ईएमएस 26जनवरी26