बीजिंग (ईएमएस)। हाल ही में चीन में लागू की गई एक नई स्वास्थ्य नीति सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है। इस नीति ने चीन में जन्म दर बढ़ाने की सरकारी कोशिशों को एक नया और विवादास्पद मोड़ दे दिया है। इस नीति के तहत पेंशनर्स को भी प्रेग्नेंसी से पहले होने वाले प्रेनेटल चेकअप की सुविधा दी जाएगी। इतना ही नहीं, इसके खर्च की भरपाई सरकार करेगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा प्रशासन की घोषणा के मुताबिक 1 जनवरी, 2026 से सामाजिक बीमा योजना से जुड़े स्वरोजगार करने वाले नागरिक और पेंशनर्स प्रेनेटल जांच का खर्च क्लेम कर सकते हैं। इसमें प्रति व्यक्ति रीइम्बर्समेंट की अधिकतम राशि 3,000 युआन से बढ़ाकर 10,000 युआन कर दी गई है। इसके अलावा, शहर में काम करने वाले पुरुष कर्मचारी अपनी बेरोजगार पत्नी के प्रेनेटल खर्च का भी दावा कर सकते हैं। हालांकि, नीति में पेंशनर्स को शामिल किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने हैरानी और तंज भरी प्रतिक्रियाएं दी। कई यूजर्स ने इसे अव्यावहारिक और हास्यास्पद बताया। चीन में पुरुषों की सेवानिवृत्ति उम्र पहले 60 साल और महिलाओं की 50-55 साल थी, जिसे अब क्रमश: 63 और 55-58 साल तक बढ़ाया जा रहा है। शोध के अनुसार, महिलाओं की औसत मेनोपॉज उम्र करीब 49 साल है, इसलिए कई लोगों को पेंशनर्स के लिए प्रेनेटल चेकअप की योजना अजीब लगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सरकार की जन्म दर बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है। चीन में जन्म दर लंबे समय से घट रही थी, लेकिन हाल ही में यह 6.77 प्रति हजार तक बढ़ी, जो सात साल में पहली वृद्धि है। 2015 में वन चाइल्ड पॉलिसी खत्म करने के बाद 2021 में तीन बच्चों की अनुमति दी गई और पिछले साल तीन साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 3,600 युआन की चाइल्डकेयर सहायता की घोषणा की गई थी। इसके अलावा, सरकार ने 2026 से कंडोम और अन्य गर्भनिरोधकों पर 13 प्रतिशत वैट लगाने का निर्णय भी लिया है। कुछ क्षेत्रों में महिलाओं से मासिक धर्म की जानकारी मांगी जा रही है, जबकि विश्वविद्यालय छात्रों को रोमांटिक रिश्ते बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस नीति को अजीब और जरूरत से ज्यादा क़दम बता रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि 50 साल से अधिक उम्र में भी कुछ मामलों में गर्भधारण संभव है। सुदामा/ईएमएस 27 जनवरी 2026