अंतर्राष्ट्रीय
27-Jan-2026
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तेहरान(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। पिछले सप्ताह जहां कुछ मुस्लिम देशों की मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता दिख रहा था, वहीं हालिया घटनाक्रम ने स्थिति को बेहद विस्फोटक बना दिया है। सोमवार को अमेरिका के तीन शक्तिशाली युद्धपोतों के पश्चिम एशिया पहुँचने के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि मिडिल ईस्ट एक बार फिर भीषण जंग के मुहाने पर खड़ा है। इससे भड़े ईरान ने साफ तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि हमें कमजोर न समझें, हम तबाही मचा देंगे। रणनीतिक तैनाती और ट्रंप का रुख अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि तीन विध्वंसक जहाजों के साथ एक विमानवाहक पोत को क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के नाम पर तैनात किया गया है। हालांकि, कूटनीतिक हलकों में इसे ईरान के खिलाफ एक सीधी सैन्य तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर की जा रही दमनकारी कार्रवाई के विरोध में वे हवाई हमले का विकल्प चुन सकते हैं। ट्रंप ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जहाजों का एक विशाल बेड़ा उस दिशा में बढ़ रहा है। हालांकि उन्होंने इसे एक एहतियाती कदम बताया है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि ईरान ने अपनी जनता पर हिंसा बंद नहीं की, तो अमेरिका हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर होगा। ईरान में हिंसक दमन और गृहयुद्ध जैसे हालात ईरान में आर्थिक तंगी और बेतहाशा बढ़ती महंगाई को लेकर पिछले महीने शुरू हुआ जन-आक्रोश अब एक बड़े विद्रोह का रूप ले चुका है। खामेनेई शासन के विरुद्ध सड़कों पर उतरे लोगों पर सुरक्षा बलों ने कड़ी कार्रवाई की है। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, इन प्रदर्शनों में अब तक 5000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इसी हिंसक कार्रवाई को आधार बनाकर अमेरिका अब ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ा रहा है। अमेरिकी तैनाती के जवाब में ईरान ने भी कड़े तेवर दिखाए हैं, कहा है कि हवा का जवाब बवंडर से देंगे। तेहरान के एक मुख्य चौक पर एक बड़ा पोस्टर लगाया गया है, जिसमें एक अमेरिकी विमानवाहक पोत को तबाह होते हुए दिखाया गया है। इस पोस्टर पर साफ शब्दों में लिखा है— हवा का जवाब बवंडर से दिया जाएगा। ईरान के अर्द्धसैन्य बल रिवॉल्यूशनरी गार्ड के कमांडर ने भी हुंकार भरते हुए कहा है कि उनकी सेना की उंगलियां ट्रिगर पर हैं और वे किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पहले से कहीं अधिक तैयार हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ती इस जुबानी जंग और समुद्र में सैन्य हलचल ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। वीरेंद्र/ईएमएस/27जनवरी2026 -----------------------------------