27-Jan-2026
...


- राजा लिल्हारे पर कार्रवाई की मांग, कलेक्टर–एसपी के दर पहुंचे ग्रामीण बालाघाट (ईएमएस)। सोशल मीडिया को ‘सुधार मंच’ बताकर लोगों की छवि बिगाड़ने वाले कथित वीडियो निर्माता जितेंद्र उर्फ राजा लिल्हारे अब खुद सवालों के घेरे में आ गए हैं। खैरलांजी क्षेत्र के ग्राम भौरगढ़ निवासी राजा लिल्हारे के खिलाफ मंगलवार को क्षेत्रीय लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया, जब बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे और कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की। यह ज्ञापन बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अजाबलाल शास्त्री के नेतृत्व में सौंपा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि राजा लिल्हारे आए दिन वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करता है और जिले के गणमान्य नागरिकों की छवि को जानबूझकर धूमिल करने का प्रयास करता है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियों से सामाजिक शांति भंग हो रही है और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि राजा लिल्हारे खुद को पर्यावरण प्रेमी बताता है, लेकिन उस पर अवैध रेत उत्खनन और चोरी में संलिप्त होने के गंभीर आरोप हैं। ग्रामीणों का कहना है कि महाराष्ट्र से लोगों को बुलाकर मध्यप्रदेश में अवैध खनन करवाया जाता है, जिसकी चंद्रकुआ क्षेत्र में जब्ती भी हो चुकी है। एनजीटी की एक कमेटी द्वारा भी उसे ‘क्रीमिनल मानसिकता’ का व्यक्ति बताया गया है। बसपा नेता अजाब शास्त्री ने कहा कि जब अवैध गतिविधियों पर सवाल उठते हैं तो राजा लिल्हारे वीडियो बनाकर उल्टा आरोप लगाने लगता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि सोशल मीडिया का दुरुपयोग रुके और आम लोगों की प्रतिष्ठा सुरक्षित रह सके। महिला से बदसलूकी, चुप्पी क्यों? भौरगढ़ निवासी बैवंता बाई डोहरे ने आरोप लगाया कि राजा लिल्हारे ने उनके घर जाकर गलत व्यवहार किया और जब वे शिकायत लेकर थाने पहुंचीं तो उन्हें वहां से भगा दिया गया। पीड़िता का कहना है कि उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और यह कहा जाता है कि पुलिस व अधिकारियों से सांठ-गांठ है।