28-Jan-2026
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इन्दौर (ईएमएस)। जिला न्यायालय ने शासकीय विद्यालय के शिक्षक बाबूलाल उइके की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद परिजनों द्वारा दायर क्षतिपूर्ति प्रकरण पर सुनवाई करते संबंधित बीमा कंपनी को पीड़ित परिजनों को 40 लाख 10 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से प्रकरण पैरवी एडवोकेट गोविंद मीणा ने की थी। प्रकरण कहानी में संक्षेप में इस प्रकार है कि 2अक्टूबर 2018 को शासकीय विद्यालय के शिक्षक बाबूलाल उईके अपने दोपहिया वाहन से जा रहे थे इस दौरान गलत दिशा से आए वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी जिसमें वे गंभीर घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। जिसके उपरांत परिजनों द्वारा दायर क्षतिपूर्ति प्रकरण में कोर्ट को बताया कि बाबूलाल परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असमय मृत्यु से परिवार के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है। वे घटना के समय 44 वर्षीय थे और उनके भविष्य में उन्नति की बहुत संभावना थी। बीमा कंपनी ने विरोध करते हुए तर्क रखा कि जिस वाहन से टक्कर होना बताया गया है, उसके चालक के पास लाइसेंस नहीं था। इसलिए बीमा कंपनी का क्षतिपूर्ति का कोई दायित्व नहीं है। न्यायालय ने याचिकाकर्ता एड्वोकेट के तर्कों से सहमत होकर दुर्घटना कारित करने वाले वाहन का बीमा करने वाली कंपनी को आदेश दिया कि वह मृतक बाबूलाल के आश्रितों को 40 लाख 10 हजार रुपये दावा प्रस्तुति दिनांक से छह प्रतिशत ब्याज सहित क्षतिपूर्ति के रूप में भुगतान करे।