- शत-प्रतिशत मुआवजे की हुंकार गुना (ईएमएस)। प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे किसानों का दुख बांटने के लिए बमोरी विधायक ऋषि अग्रवाल बुधवार को खुद खेतों की मेड़ पर जा पहुँचे। क्षेत्र में हुई भीषण ओलावृष्टि के बाद विधायक श्री अग्रवाल ने तत्काल प्रभावित गांवों का दौरा कर फसलों के नुकसान का जायजा लिया। बांसखेड़ी पंचायत के ग्राम पाटन सहित कई गांवों में जब विधायक ने ओलों से बिछी सफेद चादर और बर्बाद हुई फसलें देखीं, तो उन्होंने इसे किसानों पर वज्रपात बताते हुए सरकार से तुरंत राहत की मांग की। खेतों में पहुंचे विधायक, खनिया के खेत में 100 फीसदी नुकसान देख हुए भावुक विधायक ऋषि अग्रवाल ने ग्राम पाटन में किसान खनिया के खेत में पहुँचकर फसल की स्थिति देखी। उन्होंने बताया कि यहाँ सरसों और अन्य फसलों में 100 फीसदी नुकसान हुआ है। ओलों के प्रहार से पौधे टूटकर जमीन पर गिर गए हैं। विधायक ने मौके से ही अधिकारियों को निर्देश दिए और कहा कि किसानों के आंसू पोंछने के लिए केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई की जरूरत है। पिछली बार की अनदेखी पर उठाए सवाल सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए विधायक श्री अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में खरीफ की फसल के दौरान मक्के को भारी नुकसान पहुँचा था, लेकिन तब भी क्षेत्र के किसानों को न तो बीमा राशि मिली और न ही सरकार से उचित मुआवजा। उन्होंने दो टूक कहा कि इस बार ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि पटवारी और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें एक-एक खेत में जाकर ईमानदारी से सर्वे करें। मुख्यमंत्री से मांग, बीमा ही नहीं, सीधा मुआवजा भी दे सरकार विधायक ऋषि अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि बमोरी क्षेत्र के कई किसान छोटे और सीमांत हैं, जिनका फसल बीमा नहीं होता। तकनीकी कारणों से ऐसे किसान बीमा राशि से वंचित रह जाते हैं। विधायक ने मांग उठाई कि जिन किसानों का बीमा है, उन्हें तत्काल आरबीसी के नियम 6/4 के तहत मुआवजे के साथ क्लेम दिलाया जाए। जिनका बीमा नहीं है, उन्हें सरकार अपने राहत कोष से सीधा मुआवजा प्रदान करे ताकि उनके परिवार का पालन-पोषण हो सके। वहीं सर्वे में पारदर्शिता बरती जाए और किसी भी प्रभावित किसान का नाम सूची से न छूटे। किसानों को दिया ढांढस, आपकी लड़ाई सडक़ से सदन तक लड़ूंगा विधायक ने उपस्थित किसानों को विश्वास दिलाया कि दुख की इस घड़ी में वे उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, किसान दिन-रात पसीना बहाकर फसल तैयार करता है और चंद मिनटों की ओलावृष्टि सब कुछ तबाह कर देती है। मैं चैन से नहीं बैठूंगा और आपकी फसल के एक-एक दाने के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार पर दबाव बनाऊंगा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान उपस्थित रहे, जिन्होंने विधायक को अपनी बर्बाद हुई फसलों के नमूने भी दिखाए।। - सीताराम नाटानी