28-Jan-2026
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बालाघाट (ईएमएस)। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक महत्वपूर्ण अधिकार है लेकिन इस अधिकार के साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही आवश्यक है। जब अभिव्यक्ति का उपयोग जनहित के बजाय किसी व्यक्ति, संस्था या प्रशासन की छबि को नुकसान पहुंचाने के लिये किया जाने लगे तब यह अधिकार अपने मूल उद्देश्य से भटक जाता है। बीते कुछ समय से बालाघाट जिले में सोशल मीडिया में इसी प्रकार की एक बहस चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें खैरलांजी निवासी राजा लिल्हारे द्वारा स्वयं को पर्यावरण रक्षक बताते हुए रेत खनन और उससे जुडे प्रशासनिक तंत्र पर लगातार आरोप लगाये जा रहे है। यहां तक की जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, खनिज अधिकारी, सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और अन्य व्यवसायियों के साथ यह समाचार पत्रों को भी अपने निशाने पर लेकर खुद को राजा हरिशचंद की संतान और दूसरों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का उपयोग इनकी आदत बन चुकी है। जिससे यह प्रतीत होता है कि जिस प्रकार से यह सक्रिय है इनके पीछे कोई अदृश्य शक्ति कार्य कर रही है जो इनको आरोप लगाने के लिये प्रोत्साहित करते रहती है। सिवनी जिले में भी रेत की कोई घटना घटित हो रही है तो ये वहां भी पहुंच जाते है इतना अनाप शनाप व्यय किया जाना अपने आप में सवाल उत्पन्न करता है। एक कहावत है कि जिनके घर शीशे के हो वह दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं माना करते। किंतु लोगों की सहजता और धैर्य संयम को यह उनकी कमजोरी समझ कर लगातार जो मुंह में आया बकते रहते है। महिला से अभद्रता मामला पंजीबद्ध- दिनांक 27/1/2026 को प्रार्थी वैवंता बाई पति नंदलाल डोहरे जाति कलार उम्र 55 साल निवासी वार्ड नं. 6, भौरगढ तहसील खैरलांजी की शिकायत पर राजा लिल्हारे द्वारा उनके साथ की गई अभ्रदता और अपशब्दों के प्रयोग को लेकर खैरलांजी थाने में धारा 296बी, 115(2), 351(2), 3(5), 399 बीएनएस का दोषी पाये जाने पर उनके खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया है। जिसमें आवेदिका ने 8/4/2025 को उनके साथ हुई अभद्रता की घटना का पूरा उल्लेख किया गया है। दरअसल यह मामला पुलिस अधीक्षक एवं जिला कलेक्टर को 27 जनवरी,26 को व्यक्तिगत रूप से भेंट कर शिकायत पत्र देने के बाद दर्ज किया गया है। इसके पूर्व खैरलांजी थाना महिला के आवेदन पर उदासीन बना हुआ था। जब पुलिस अधीक्षक की फटकार पडी तो थाना सक्रिय हुआ और मामला पंजीबद्ध किया गया। महिला अधिकारी के खिलाफ अर्नगल आरोप पर मामला पंजीबद्ध- जिले में अपने विवादास्पद बयानों के लिये चर्चित हो चुके राजा लिल्हारे के खिलाफ गत दिसम्बर माह में जिला खनिज अधिकारी फरहत जहां ने भी एक मामला कोतवाली पुलिस थाने में दर्ज कराया था जिस पर राजा लिल्हारे के खिलाफ धारा 353(1)(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। जिसमें खनिज अधिकारी ने शिकायत में बताया था कि राजा लिल्हाने ने अपने यूटयूब चैनल में वीडियो अपलोड किया है, जिसमें वह कहता हुआ नजर आ रहा है कि खनिज अधिकारी फरहत जहां बालाघाट में दंगा करवाना चाहती है इसलिये रेत चोरी का वीडियों बनाने वाले को रेत चोरो से ढूंढवा रही है। खनिज अधिकारी रेत चोरों से मिलकर नदियों को बर्बाद करना चाहती है, वीडियो बनाने वालों को मरवाना चाहती है वह अपनी सरकार को चूना लगा रही है। इस पर खनिज अधिकारी ने कहा कि राजा लिल्हारे द्वारा कही बात सारी बातें झूठ, भ्रामक व अफवाह फैलाने वाली है। दो वर्गो में लोग शांति के विरूद्ध संघर्ष पैदा करने की नीयत से लिल्हारे ने यह वीडियों जारी किया है। ट्रेक्टर वालों से मारपीट पर मामला पंजीबद्ध- वीडियों के जरिये दूसरों की छबि नष्ट कर लोकप्रियता ग्रहण करने का प्रयास करने वाले नकारात्मक विचारों के धनी, राजा लिल्हारे के खिलाफ 7/2/2024 को खैरलांजी थाने में भा.द.ंसं. की धारा 341, 294, 323, 327, 506, 34 अनु.जाति एवं अनु. जनजाति अधिनियम 1989 संशोधन 2015 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(वीए) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया गया था। यह शिकायत गोलू उर्फ रवि मेश्राम पिता श्यामलाल मेश्राम द्वारा की गई थी। जिसमें उल्लेख था कि मैं आवेदक डेकोरेशन का काम करता हॅू, आज दिनांक 7-2-2024 को सुबह लगभग 8 बजे की बात है, मैं नदी भौरगढ से अपने टेक्टर में रेत भरकर रायल्टी कटवाकर ला रहा था। जो गांव के निवासी राजा उर्फ जितेन्द्र लिल्हारे और उसका साथ छोटू उर्फ अजय लिल्हारे निवासी खैरलांजी का भौरगढ से मोटर सायकल से आये और मेरे टेक्टर के सामने मोटर सायकल को बीच में रोककर राजा ने बोला कि रेत कहां से ला रहा है, रायल्टी दिखा। मैं कहा तू रायल्टी पूछने वाला कौन होता है, उस पर उन्होने मां बहन की गंदी गालिया बकते हुए मुझे कहा कि तू रेत चोरी करके ला रहा है, तूझ यह कार्य करना है तो मुझे 700 रूपये हर टेक्टर देना होगा। तभी तू यहां से टेक्टर ले जा पायेगा। मेरे मना करने पर दोनों ने मुझे जाति सूचक गालिया बकते हुए हाथ व मुक्के से मारपिटाई किया था। उस समय वीरेन्द्र भंडारकर सोहित राउत ने बीच बचाव किया था। झूठी शिकायत पर तहसीलदार की कार्यवाही- अपने आप को पर्यावरण रक्षक कहते हुए रेत घाटों में रेत व्यवसायियों को परेशान करने वाले राजा लिल्हारे के शिकायत पर अवैध खनन से संबंधित जब जांच की गई तो शिकायत ही झूठी पाई गई थी। यह घटना 12/2/2024 की है। जब टुइयापार रेत घाट बावनथडी नदी में अवैध रेत उत्खनन की शिकायत संदर्भ में न्यायालय नायब तहसीलदार के निर्दश पर व अन्य उपस्थिति मेंजांच हेतु पहुंचे थे। ख.नं. 582, रकबा 9.008 म.प्रं. शासन भूजल में 1.012 हेक्टे.भूमि आबंटित थी। जिसे रेत उत्खनन हेतु सीमांकन कर चिहिंत किया गया था। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बालाघाट को अवैध उत्खनन की शिकायत की गई थी। इस संबंध में तहसीलदार द्वारा जांच की गई जिसमें पाया गया कि वहां कोई भी अवैध उत्खनन नहीं किया गया। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि राजा लिल्हारे व उसके साथियों द्वारा महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश सीमा से अवैध उत्खनन किया जाता है। इस शिकायत का भी पंचनामा बनाया गया था और उल्टे सीधे आरोप दूसरे पर लगाये जाते है। समाचार पत्रों के खिलाफ विष वमन- विवादों के पयार्य बन चुके एवं आरोप लगाकर खुद को पर्यावरण रक्षक कहने वाले राजा लिल्हारे की एक और विशेषता यह है कि जो समाचार पत्र उनके अर्नगल बातों को महत्व नहीं देता तो वह उस समाचार पत्र के खिलाफ भी शब्द रूपी जहर की उल्टियां करने में देरी नहीं करते। ऐसी घटना पिछले दिनो घटित हुई जब उन्होने तरह तरह से नगर के दो पुराने दैनिक समाचार पत्रों को अपने निशाने पर लेते हुए उनके खिलाफ अभियान छेडते हुए वीडियो बनाया। जबकि दोनों समाचार पत्रों के द्वारा किसी भी तरह से राजा लिल्हारे के खिलाफ उसका नाम का उपयोग करते हुए कोई भी समाचार नहीं लिखा गया था। परन्तु अर्नगल प्रलाप के आदि हो चुके राजा ने बिना सोचे समझे उल्टे सीधे वीडियों उनके खिलाफ जारी किये इस संबंध में समाचार पत्र प्रबंधक द्वारा विधि विशेषज्ञो से सलाह लेकर राजा के खिलाफ मान हानि के दावे पर विचार विमर्श किया जा रहा है। क्योंकि जब समाचार पत्र उसके नाम का ही उपयोग नहीं कर रहा है तो कैसे बेतुके आरोप लगा रहा है। कलेक्टर व एसपी से शिकायत - 27 जनवरी को कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक बालाघाट को बसपा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अजाबलाल शास्त्री, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजकुमार नगपुरे एवं राजा की प्रताडना से प्रताडित महिला वैवंता बाई पति नंदलाल डोहरे जाति कलार उम्र 55 साल निवासी वार्ड नं. 6, भौरगढ तहसील खैरलांजी के साथ एक लिखित शिकायत की गई जिसमें आरोप लगाया कि राजा लिल्हारे कथित रूप से सोशल मीडिया का दुरूपयोग कर जिले के अनेक गणमान्य नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के खिलाफ आपत्तिजनक व भडकाऊ वीडियों बनाकर उनकी छबि को धूमिल करता है। यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है लेकिन अब तक कोई प्रशासनिक कार्यवाही नहीं होने से उसके हौसले बुलंद है। यह दूसरों पर रेत चोरी का आरोप लगाता है जबकि संपूर्ण घटनाओं की जांच की जाये तो स्पष्ट हो जायेगा कि यह स्वयं कथित महाराष्ट्र से रेत कारोबारियों को बुलाकर मध्यप्रदेश में अवैध उत्खनन करवाने में संलिप्त है। ज्ञापन में मांग की गई कि ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्यवाही की जाये ताकि समाज में शंाति बनी रहे और सोशल मीडिया का दुरूपयोग रोका जा सके। पुलिस की उदासीनता - दरअसल वीडियों जारी करके समाज के प्रतिष्ठित वर्ग के लोगों को सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने का आदि हो चुके राजा लिल्हारे के खिलाफ समय समय पर विभिन्न पक्षों के द्वारा तरह तरह की शिकायत की गई परन्तु उस पर उस गंभीरता से कार्यवाही नहीं किये जाने के कारण उसके हौसले बुलंद हो गये और वह लगातार ओछी मानसिकता से पीडित बातों का मिश्रण करके वीडियो जारी करते रहा। फिलहाल इन पंक्तियों के लिखे जाते तक वैवंता बाई पति नंदलाल डोहरे जाति कलार उम्र 55 साल निवासी वार्ड नं. 6, भौरगढ तहसील खैरलांजी की शिकायत पर देर से सहीं पुलिस ने राजा के खिलाफ मामला पंजीबद्ध कर कार्यवाही शुरू की है। देखना यह है कि यह कार्यवाही कितनी पारदर्शिता के साथ की जाती है या कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। उल्लेखित है कि रेत के ठेके लगभग 58 करोड की नीलामी में हुए है जिससे शासन को बडा राजस्व प्राप्त हुआ है। रेत का उत्खनन नियमों के तहत किया जाता है। जहां भी नियमों का उल्लंघन होता है वहां कार्यवाही भी की जाती है। प्रत्येक रेत से लदे वाहन को स्वतः अवैध मान लेना व्यवहारिक व कानूनी दृष्टि से उचित नहीं है। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिये किंतु उसके दुरूपयोग को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता। पर्यावरण संरक्षण एक गंभीर विषय है जिसे व्यक्तिगत आरोप प्रत्यारोप और सोशल मीडिया विवादों तक सीमित कर देना उद्देश्य से भटकना जैसा है और यही कार्य राजा लिल्हारे के द्वारा किया जा रहा है।