अंतर्राष्ट्रीय
29-Jan-2026
...


-अमेरिकी हमला करेगा तो उसे ही होगा पछतावा तेहरान,(ईएमएस)। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्वी समुद्री क्षेत्र में एक बड़ा सैन्य कदम उठाया है। अमेरिका ने बताया कि उसका एक शक्तिशाली नौसैनिक स्ट्राइक ग्रुप, जिसकी अगुवाई एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन कर रहा है, मध्य पूर्व के जलक्षेत्र में तैनात कर दिया गया है। यह तैनाती ऐसे समय पर हुई है, जब ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई की, तो वह इसका जोरदार जवाब देगा। ईरान में दिसंबर के अंत से सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं। शुरुआत में ये प्रदर्शन महंगाई और आर्थिक समस्याओं को लेकर थे, लेकिन 8 जनवरी के बाद यह आंदोलन इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ एक बड़े जनआंदोलन में बदल गया। कई दिनों तक सड़कों पर भारी भीड़ देखने को मिली। मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि ईरानी सुरक्षा बलों ने इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए हिंसा का इस्तेमाल किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा बलों ने इंटरनेट बंद होने की स्थिति में सीधे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं। ईरान में यह इंटरनेट शटडाउन पिछले 18 दिनों से जारी है, जो अब तक का सबसे लंबा ब्लैकआउट माना जा रहा है। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ने बताया कि अब तक 5,848 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें 209 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। संगठन का कहना है कि वह अभी 17,091 और संभावित मौतों की जांच कर रहा है, यानी असली आंकड़ा इससे कई गुना ज्यादा हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ईरान को चेतावनी दे चुके हैं। पिछले हफ्ते उन्होंने कहा था कि अमेरिका क्षेत्र में एक “भारी भरकम नौसैनिक बेड़ा” भेज रहा है, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। बता दें अमेरिका ने जून में इजराइल के साथ ईरान के खिलाफ 12 दिन चले युद्ध में समर्थन किया था। हालांकि हाल में ट्रंप ने सीधे सैन्य कार्रवाई से थोड़ा पीछे हटने के संकेत दिए हैं, लेकिन उन्होंने इस विकल्प को कभी पूरी तरह खारिज नहीं किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का “व्यापक और पछतावा कराने वाला जवाब” दिया जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान अपनी सैन्य क्षमताओं पर पूरा भरोसा रखता है और किसी भी दबाव से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने एयरक्राफ्ट कैरियर की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसे युद्धपोतों की मौजूदगी ईरान की अपने देश की रक्षा करने की दृढ़ता को कमजोर नहीं कर सकती। बता दें लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह ने ईरान के समर्थन में रैली निकाली। संगठन के नेता नईम कासेम ने चेतावनी दी कि अगर इस बार ईरान पर युद्ध थोपा गया, तो पूरा क्षेत्र आग में झुलस जाएगा। वहीं, ईरान के पड़ोसी देश संयुक्त अरब अमीरात ने साफ किया है कि वह अपने क्षेत्र से ईरान पर किसी भी हमले की अनुमति नहीं देगा, जबकि वहां अमेरिका का एक बड़ा एयरबेस मौजूद है। सिराज/ईएमएस 29 जनवरी 2026