राष्ट्रीय
29-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। सिंघाड़ा का फल स्वाद के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर है। सिंघाड़ा आयोडीन, पोटैशियम, मैंगनीज, फाइबर और विटामिन जैसे पोषक तत्वों का प्राकृतिक स्रोत है, जो थायरॉइड को सपोर्ट करने, अतिरिक्त पानी कम करने, ब्लड प्रेशर संतुलित रखने और पेट को आराम देने में मददगार होते हैं। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा ने सिंघाड़े के एक दिलचस्प स्वास्थ्य लाभ पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने बताया कि सिंघाड़ा देखने में छोटी थायरॉइड ग्लैंड की तरह दिखता है और इसके पोषक तत्व भी थायरॉइड के सही कामकाज में सहायक होते हैं। आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए जरूरी होता है, जबकि मैंगनीज और पोटैशियम हार्मोन टी4 को सक्रिय टी3 में बदलने में मदद करते हैं। यह प्रक्रिया थायरॉइड फंक्शन को सुचारू रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में सिंघाड़ा थायरॉइड संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए एक प्राकृतिक और आसानी से उपलब्ध उपाय साबित हो सकता है। सिंघाड़ा शरीर में जमा अतिरिक्त पानी को कम करने में भी मदद करता है। यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो थायरॉइड की वजह से सूजन या भारीपन महसूस करते हैं। पोटैशियम की उपस्थिति ब्लड प्रेशर को संतुलित रखती है, जिससे हृदय स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है। सिंघाड़ा पेट के लिए भी आरामदायक माना जाता है। हल्का होने के कारण यह पाचन तंत्र को सुधारता है और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देता है। इसके अलावा, सर्दियों में आसानी से उपलब्ध होने के कारण इसे रोजाना आहार में शामिल करना सरल होता है। सिंघाड़ा कच्चा खाया जा सकता है, उबालकर, भूनकर या इसके आटे से बने व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या या थायरॉइड विकार की स्थिति में इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह लेना उचित रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिंघाड़ा न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि यह स्वास्थ्य को प्राकृतिक रूप से संतुलित रखने में भी मदद करता है। इस प्रकार, सर्दियों में सिंघाड़ा स्वाद और स्वास्थ्य का ऐसा संगम है, जो छोटे-छोटे बदलावों के साथ शरीर और मन दोनों को लाभ पहुंचा सकता है। बता दें कि सर्दियों में खाने-पीने की चीजों में सिंघाड़ा एक खास स्थान रखता है। लोग इसे कच्चा खाते हैं, उबालकर नमक-मिर्च के साथ चटखारे लेते हैं, भूनकर या फिर सिंघाड़े के आटे से हलवा, पूरी और पकौड़े बनाते हैं। सुदामा/ईएमएस 29 जनवरी 2026