नई दिल्ली (ईएमएस)। आमतौर पर यह धारणा बनी हुई है कि पर्याप्त प्रोटीन केवल अंडा, मांस और अन्य मांसाहारी चीजों से ही मिल सकता है, लेकिन पोषण विशेषज्ञों के अनुसार यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। शाकाहारी लोग भी प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के जरिए अपनी दैनिक जरूरत को आसानी से पूरा कर सकते हैं। आज न केवल भारत में, बल्कि दुनियाभर में लोग मांसाहारी प्रोटीन की जगह प्लांट-बेस्ड प्रोटीन की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। पहले माना जाता था कि दूध कैल्शियम का मुख्य स्रोत है और मीट से ही प्रोटीन मिलता है, लेकिन अब शोध बताते हैं कि बादाम कैल्शियम का बेहतरीन विकल्प है और अंकुरित दालों से भरपूर मात्रा में प्रोटीन प्राप्त किया जा सकता है। पौधों से मिलने वाला प्रोटीन शरीर के लिए अधिक लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा भी अच्छी होती है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है। दूध और मांसाहारी उत्पादों के अधिक सेवन से कई बार शरीर में समस्याएं भी देखने को मिलती हैं। बहुत से लोग लैक्टोज इन्टॉलरेंस से परेशान होते हैं, जिससे दूध पीने के बाद गैस, अपच और पेट दर्द जैसी दिक्कतें होती हैं। वहीं मांस, अंडा और रेड मीट जैसे मांसाहारी प्रोटीन स्रोतों में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में खराब वसा को बढ़ा सकती है। इससे हृदय रोग और ब्लड प्रेशर की आशंका भी बढ़ जाती है। इसके विपरीत, प्लांट-बेस्ड प्रोटीन में कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता और यह शरीर को साफ रखने के साथ-साथ लंबे समय तक ऊर्जा भी प्रदान करता है। अगर सवाल यह है कि प्लांट-बेस्ड प्रोटीन किन चीजों से लिया जाए, तो इसके कई विकल्प मौजूद हैं। दालें, सोया, टोफू, अंकुरित अनाज, सूखे मेवे, बीज, हरी सब्जियां, कच्ची मूंगफली और साबुत अनाज प्रोटीन से भरपूर माने जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार एक सामान्य व्यक्ति को अपने शरीर के वजन के बराबर ग्राम में प्रोटीन लेना चाहिए। उदाहरण के तौर पर यदि किसी का वजन 50 किलोग्राम है, तो उसे रोजाना करीब 50 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। इसे डाइट में शामिल करना भी आसान है। मूंग की दाल को अंकुरित कर सलाद के रूप में खाया जा सकता है, मूंग दाल का चीला बनाया जा सकता है, टोफू को सब्जियों के साथ मिलाकर सलाद या सब्जी के रूप में लिया जा सकता है। सुदामा/ईएमएस 29 जनवरी 2026