अंतर्राष्ट्रीय
29-Jan-2026
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ढाका,(ईएमएस)।बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में सुरक्षा की ऐसी कोई स्थिति नहीं है जिसके कारण भारत को अपने राजनयिकों के परिजनों को वापस बुलाना पड़े। विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि विदेशी अधिकारियों या उनके परिवारों को किसी भी प्रकार का खतरा होने का कोई संकेत नहीं मिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश में माहौल पूरी तरह नियंत्रण में है। भारत का रुख और सुरक्षा चिंताएं दरअसल, पिछले सप्ताह भारत सरकार ने बांग्लादेश में बढ़ती चरमपंथी गतिविधियों और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए वहां तैनात भारतीय अधिकारियों के परिजनों को स्वदेश वापस बुलाने का निर्णय लिया था। यह कदम बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से ठीक पहले उठाया गया, जिसे सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जा रहा है। वर्तमान में ढाका स्थित उच्चायोग के अतिरिक्त भारत के खुलना, चट्टोग्राम, राजशाही और सिलहट में भी राजनयिक कार्यालय संचालित हैं। बांग्लादेश सरकार की प्रतिक्रिया मोहम्मद तौहीद हुसैन, जो पूर्व में भारत में उप-उच्चायुक्त के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, ने कहा कि परिजनों को वापस बुलाना भारत का आंतरिक निर्णय है। उन्होंने कहा, भारत किसी भी समय अपने अधिकारियों या उनके परिवारों को वापस बुला सकता है और हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है। अगर वे ऐसा करना चाहते हैं, तो यह उनकी अपनी इच्छा है। हुसैन ने यह भी स्पष्ट किया कि बांग्लादेश को भारत की ओर से सुरक्षा चिंताओं को लेकर अब तक कोई औपचारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने संभावना जताई कि शायद भारत को कोई विशेष आशंका हो या वह इसके माध्यम से कोई कूटनीतिक संदेश देना चाहता हो, लेकिन बांग्लादेश की जमीन पर ऐसी कोई ठोस वजह नजर नहीं आती। राजनयिक मिशनों का कार्य जारी हालांकि सुरक्षा कारणों से परिजनों को वापस भेजा गया है, लेकिन ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग समेत बांग्लादेश में मौजूद भारत के सभी पांचों राजनयिक मिशन सामान्य रूप से अपना कामकाज कर रहे हैं। हाल ही में भारतीय उच्चायोग ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक भव्य समारोह का भी आयोजन किया था, जो इस बात का संकेत है कि आधिकारिक गतिविधियां सुचारू रूप से जारी हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/29जनवरी2026