राज्य
29-Jan-2026
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मंदसौर (ईएमएस) । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंदसौर के विश्व प्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में पशुपतिनाथ लोक परिसर का लोकार्पण किया। 25 करोड़ की लागत से बने इस लोक परिसर में भगवान शिव की विभिन्न मुद्राओं के साथ तीनों लोकों के दर्शन करने वाली आकृतियां उकेरी गई हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मंदसौर में पहले चरण में भगवान पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया गया है। अगले चरण में मंदसौर की शिवना नदी का शुद्धिकरण होगा। मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में पहुंचकर भगवान की पूजा अर्चना की। इसके बाद मुख्यमंत्री पशुपतिनाथ लोक परिसर में पहुंचे और भ्रमण किया। उन्होंने यहां परिसर में बनाई गई संस्कृतिक प्रतिकृतियों को देखा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार सिंहस्थ के पहले पूरे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने के लिए वचनबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ के पहले उज्जैन के साथ प्रदेश के मालवा इलाके और तमाम धार्मिक स्थानों को पर्यटन की दृष्टि से और सुविधाजनक किया जाएगा, ताकि महाकुंभ में आने वाले लोगों को और आसानी हो सके। सिंहस्थ आयोजन के लिए मंदसौर में 76 करोड रुपए की लागत से इस धार्मिक स्थान को और ज्यादा विकसित करने की कार्य योजना तैयार की गई है। शिवना नदी के तट पर बने इस लोक को उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किया गया है। यहां शिव परिवार की प्रतिमाओं के साथ एक विशाल डमरू भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहेगा। कॉरिडोर में गार्डन, सरोवर, पूजन सामग्री की दुकानें और रेस्टोरेंट जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। 25 करोड़ की लागत से परिसर का निर्माण पहले चरण में 25 करोड़ की लागत से पशुपतिनाथ लोक परिसर का निर्माण किया गया है। इसके बाद दूसरे और तीसरे चरणों में 2028 तक यात्रियों के आवागमन और उनके रुकने के अलावा खाने और पर्यटन के सर्किट से जोडऩे के मद्देनजर शेष राशि खर्च की जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मल्हारगढ़ में पहुंचकर किसानों को सोयाबीन फसल की भावांतर योजना की राशि का सिंगल क्लिक से बैंक खातों में डाला। इस दौरान मुख्यमंत्री किसानों से भी मिले।उन्होंने प्रदेश के किसानों को सरकारी योजनाओं से जोडऩे की बात कही। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आने वाले 5 सालों में वह किसानों की खेती को लाभ का धंधा बनाएंगे। 3 राज्यों के 100 मजदूरों ने बनाया मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के 100 से अधिक मजदूरों ने 2 साल 4 महीने की मेहनत के बाद इस लोक को तैयार किया है। कॉरिडोर में गार्डन, सरोवर, भक्ति सामग्री की दुकानें और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशाल प्रतीक्षालय, प्राथमिक चिकित्सा कक्ष, अलग से पार्किंग व्यवस्था, भोजनशाला और अतिथि विश्राम गृह बनाए हैं। सुरक्षा के लिए अनाउंसमेंट सिस्टम और अत्याधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क से लैस विशेष कंट्रोल रूम तैयार किया गया है। सीएम के दौरे को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। विनोद उपाध्याय/२९ जनवरी2026