व्यापार
30-Jan-2026


- आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक का अनुमान, भारत की ‎विकास दर 2026–27 में 6.5-7 फीसदी रहेगी नई ‎दिल्ली (ईएमएस)। दुनिया युद्ध, महंगाई और उच्च ब्याज दरों जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरें ऊंची हैं, चीन की अर्थव्यवस्था सुस्त है, और पश्चिम एशिया व यूक्रेन में संघर्ष जारी है। ऐसे माहौल में भारत का बजट सिर्फ घरेलू दस्तावेज नहीं, बल्कि वैश्विक निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के लिए स्थिरता का संकेतक बन गया है। आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि भारत 2026 -27 में 6.5–7 फीसदी की विकास दर बनाए रख सकता है। ये एजेंसियां विशेष रूप से राजकोषीय घाटा, पूंजीगत व्यय, रक्षा और सामाजिक योजनाओं पर ध्यान दे रही हैं। विदेशी निवेशक भी यह देख रहे हैं कि भारत कैसे निवेश-अनुकूल माहौल बनाए रखता है, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और ग्रीन एनर्जी में। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित बजट पेश करना भारत के लिए वैश्विक स्थिरता का संदेश होगा। यदि राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास पर खर्च बढ़ाया गया, तो भारत न केवल अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि एशिया, अफ्रीका और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक मॉडल भी बनेगा। वहीं आईएमएफ ने चेतावनी दी है कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव अभी भी भारत के लिए जोखिम बने रहेंगे। भारत का बजट अब घरेलू योजना से आगे बढ़कर वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए संकेतक बन गया है। निवेशक और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां देख रही हैं कि भारत कैसे स्थिरता और विकास का संतुलन बनाए रखता है, जो वैश्विक मंदी के बीच भी भरोसा पैदा कर सकता है। सतीश मोरे/30जनवरी ---