राष्ट्रीय
30-Jan-2026


-शिकायत में यह कृत्य गांव के सरपंच और पंचायत सचिव के निर्देश पर कराने का आरोप हैदराबाद,(ईएमएस)। तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले के थिम्माइपल्ली गांव में करीब 100 आवारा कुत्तों को कथित तौर पर जहर का इंजेक्शन देकर मार दिया गया। इस घटना से पशु प्रेमियों और लोगों के बीच भारी आक्रोश है। यह मामला तब सामने में आया जब एक एनजीओ की क्रूरता निवारण सहायक मुदावत प्रीति ने इस सामूहिक हत्याकांड के खिलाफ चरापाका पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 27 जनवरी को इस संबंध में एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में बताया गया है कि बीते 10 दिनों में गांव के करीब 100 आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मारा गया है। आरोप है कि यह कृत्य गांव के सरपंच और पंचायत सचिव के निर्देश पर किया गया है। मामले में एक रिकॉर्डेड बातचीत भी सामने आई है, जिसमें पशु कल्याण कार्यकर्ता और गांव के सरपंच के बीच संवाद बताया जा रहा है। इस बातचीत में सरपंच ने कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा गया और इसके लिए 18,000 रुपए में डॉग किलर्स को नियुक्त किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि ग्राम पंचायत के कर्मचारी पर कुत्तों के शव हटाने का आरोप है। वहीं, एक अन्य बातचीत में ठेके पर बुलाए गए व्यक्ति ने भी कहा कि कुत्तों को पिछले कई दिनों से जहर दिया जा रहा था। सरपंच के मुताबिक कुत्तों के शव गांव से करीब दो किलोमीटर दूर फेंके गए। इन तथ्यों के आधार पर शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। पशु अधिकार कार्यकर्ता अडुकापुरम गौतम ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की क्रूरता अस्वीकार्य है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पशु संरक्षण कानूनों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। यह मामला एक बार फिर आवारा पशुओं की सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सिराज/ईएमएस 30जनवरी26