राज्य
30-Jan-2026


- फरियादिया के खाली प्लॉट पर कब्जा करने को लेकर चल रहा था विवाद भोपाल(ईएमएस)। निशातपुरा पुलिस ने पड़ोसी के खाली प्लॉट पर कब्जा करने का प्रयास कर रही एक महिला के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मामला कायम किया है। फरियादिया का आरोप है, कि आरोपी महिला और उसके परिवार ने कई बार उनके प्लाट पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की और विरोध करने पर आरोपी महिला ने अजाक थाने में शिकायती आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। लेकिन जांच में आवेदन झूठा पाया गया। जब पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ कार्यवाही नहीं की तब फरियादिया ने कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट के आदेश पर निशातपुरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक मकान नंबर 24, विनायक वैली करोंद निवासी ज्योति प्रजापति (29) गृहणी हैं। करीब एक साल पहले उनके पास से मकान नंबर 23 विनायक वैली में अनुराधा चौहान (45) रहने आई हैं। अनुराधा के बगल में ज्योति प्रजापति का खाली प्लाट है। उस पर अनुराधा चौहान कब्जा करना चाहती हैं। कब्जा करने के इरादे से उन्होंने कई बार खाली जमीन पर चबूतरा बनाकर पोल गाड़ दिए और फेंसिंग करके कब्जा करने का प्रयास किया। फरियादिया के विरोध करने पर अनुराधा चौहान और उसके परिवार वाले हरिजन एक्ट में फंसाने की धमकी देने लगे। बीती 12 अप्रैल 2020 को लॉकडाउन के दौरान पड़ी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया और विरोध करने पर आरोपिया ने दोबारा फरियादिया और उनके परिवार के साथ गाली-गलौज कर झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी। फरियादी ने इसकी शिकायत निशातपुरा थाने में की थी। इसके बाद जमीन पर कब्जा करने की नीयत से आरोपी ने फरियादिया और उसके पति के नाम से 29 जुलाई 2020 को एसटीएससी थाने में कार्यवाही के लिए झूठा आवेदन दे दिया। अजाक पुलिस ने इसकी जांच की, जिसमें शिकायत झठी पाई गई। - लेना पड़ी कोर्ट की शरण प्रतिवेदन में पुलिस ने रिपोर्ट का उल्लेख किया कि शिकायत बदले की भावना से की गई है, और झूठी पाई गई है। इसमें कोई कार्यवाही नहीं होगी। आरोपी ने 2020 में फरियादिया के मुंहबोले भाई के प्लाट पर भी कब्जा करने की कोशिश की थी। अनुविभागीय अधिकारी से शिकायत करने पर तहसीलदार ने पुलिस की मदद से कब्जा हटाया था। जमीन पर अवैध कब्जा करने के बाद संबंध में जब फरियादिया ने आरोपी महिला से बात की तो उसने डराया-धमकाया और अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद फरियादिया ने 16 जून 2025 को लिखित शिकायत पुलिस कमिश्नर से भी की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। आखिकार फरियादी को न्यायालय की शरण लेना पड़ी। न्यायालय के आदेश पर निशातपुरा पुलिस ने आरोपिया अनुराधा चौहान के खिलाफ बीएनएस की धारा 212ए के तहत लोकसेवक को झूठी सूचना अथवा जानकारी देने का प्रकरण दर्ज किया है। जुनेद / 30 जनवरी