क्षेत्रीय
31-Jan-2026
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2.70 करोड़ के गबन में गिरी गाज गुना (ईएमएस)। जिला कोषालय में हुए करोड़ों रुपए के स्टाम्प घोटाले में राज्य शासन ने अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। वित्त विभाग ने गंभीर लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के चलते जिला कोषालय अधिकारी (TO) राकेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई ग्वालियर की संयुक्त संचालक टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में मिले चौंकाने वाले आंकड़ों के बाद की गई है। _*कागजों में हेराफेरी कर शासन को लगाया चूना*_ जांच रिपोर्ट के अनुसार, कोषालय के रिकॉर्ड में भारी विसंगतियां पाई गई हैं। फिजिकल स्टॉक और डिजिटल रिपोर्ट के मिलान में सामने आया कि डबल लॉक (तिजोरी) से कुल 3.74 करोड़ रुपए के विभिन्न श्रेणियों के स्टाम्प बाहर निकाले गए थे। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से केवल 1.04 करोड़ रुपए की ही आधिकारिक प्रविष्टि (Entry) सिस्टम में की गई, जबकि शेष 2.70 करोड़ रुपए के स्टाम्प का कोई हिसाब-किताब नहीं मिला। इस प्रकार शासन के राजस्व को सीधे तौर पर करोड़ों की चपत लगाई गई। _*अफसर की दलील खारिज, लॉगिन से हुई पुष्टि*_ निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोषालय के नियमों के तहत स्टाम्प का स्थानांतरण और निकासी बिना अधिकारी की चाबी और लॉगिन के संभव नहीं है। यद्यपि राकेश कुमार ने अपने बचाव में तर्क दिया था कि उनका कार्य केवल पर्यवेक्षण का है और वे प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त थे, लेकिन विभाग ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। वित्त विभाग के अनुसार, उच्च पद पर रहते हुए बिना निगरानी के कनिष्ठ कर्मचारियों को छूट देना और नियमों का उल्लंघन करना उनके नियंत्रण की विफलता को दर्शाता है। _*खजांची के बाद अब अधिकारी पर शिकंजा*_ उल्लेखनीय है कि इस घोटाले की परतें खुलने के बाद 21 जनवरी को सहायक ग्रेड-3 खजांची केशव वर्मा के खिलाफ पहले ही कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। उस वक्त कोषालय अधिकारी ने खजांची को दोषी ठहराया था, लेकिन विभागीय जांच में पाया गया कि बिना वरिष्ठ अधिकारी के संरक्षण और लापरवाही के इतना बड़ा गबन अंजाम नहीं दिया जा सकता था। फिलहाल, निलंबित अधिकारी का मुख्यालय भोपाल नियत किया गया है। प्रशासन की इस सर्जिकल स्ट्राइक से जिले के अन्य विभागों में भी हड़कंप का माहौल है।- सीताराम नाटानी