जयपुर (ईएमएस)। विभागीय समन्वय, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ सुव्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए आने वाले समय की जरूरतों, दूरगामी सोच एवं रचनात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रभावी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए। यह निर्देश मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए।बैठक में राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को दृष्टिगत रखते हुए शहरी विकास को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की कार्ययोजनाओं एवं प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही शहरी विकास से संबंधित विभिन्न नीतियों, नियमों एवं प्रक्रियाओं पर विस्तार से विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने रेगुलेटरी फ्रेमवर्क, राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी, राजस्थान भूमि आवंटन नीति तथा ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति-2025 सहित महत्वपूर्ण नीतिगत विषयों की व्यापक समीक्षा करते हुए इनके प्रभावी एवं समन्वित क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध, समन्वित एवं दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाकर ही शहरी विकास को सही दिशा दी जा सकती है। भविष्य उन्मुख शहरी विकास की आवश्यकता पर जोर देते हुए जयपुर को सिग्नल-फ्री सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस एवं व्यवहारिक प्रस्तावों पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली और सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन से न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। अशोक शर्मा/ 5 बजे/ 31 जनवरी 2026