क्षेत्रीय
31-Jan-2026
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‎पटना, (ईएमएस)। जद (यू) की प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि जो संत रविदास जी की वाणी में थी वही आज नीतीश सरकार की पहचान है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने दलित समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान को केवल नारा नहीं बल्कि ठोस नीतियों और जमीनी कार्यों के माध्यम से साकार किया है। वर्षों तक हाशिये पर रखे गए दलित वर्ग को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर देने की दिशा में बिहार ने एक नया माॅडल प्रस्तुत किया है। नीतीश कुमार सरकार ने दलित छात्रों के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार मानते हुए छात्रवृत्ति योजनाओं का व्यापक विस्तार किया, जिससे हजारों गरीब परिवारों के बच्चे स्कूल और उच्च शिक्षा से जुड़ पाए। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति छात्रावास योजना के तहत आवासीय सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया ताकि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा के आगे बाधा न बने। सामाजिक न्याय को मजबूती देने के उद्देश्य से महादलित आयोग का गठन कर महादलित समुदाय की विशिष्ट समस्याओं की पहचान की गई और उनके लिए अलग से विकास योजनाएँ चलाई गईं। महादलित टोला विकास योजना के माध्यम से दलित बस्तियों में सड़क, बिजली, पेयजल, शौचालय और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाई गईं, जिससे उनके जीवन स्तर में वास्तविक बदलाव आया तथा दलित टोले के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति से ध्वजारोहण कराने का निर्देश दिया जो वर्षों से लागू है। दलितों की सुरक्षा और सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है कि दलित समाज की बेटियों के लिए अलग से स्वाभिमान बटालियन का गठन किया तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू किया गया और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष न्यायालयों की व्यवस्था की गई। नीतीश कुमार सरकार ने यह संदेश साफ दिया कि बिहार में किसी भी दलित पर अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में भी सरकार ने ठोस पहल की है। दलित युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और सरकारी नौकरियों में अवसर देने के लिए आरक्षण व्यवस्था को पूरी ईमानदारी से लागू किया गया, वहीं जीविका जैसी योजनाओं के माध्यम से दलित महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया। नीतीश कुमार सरकार का संकल्प है कि बिहार का दलित समाज सिर्फ योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की मुख्यधारा का नेतृत्वकर्ता बने। संतोष झा- ३१ जनवरी/२०२६/ईएमएस