अंतर्राष्ट्रीय
01-Feb-2026
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बीजिंग(ईएमएस)। चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा शुरू की गई भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। देश की शीर्ष भ्रष्टाचार रोधी संस्था, सेंट्रल कमीशन फॉर डिसिप्लिन इंस्पेक्शन (सीसीडीआई) ने शनिवार को घोषणा की कि चीन के आपातकालीन प्रबंधन मंत्री वांग शियांगशी के खिलाफ गंभीर अनुशासनहीनता और कानून के उल्लंघन के आरोपों में आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है। 63 वर्षीय वांग शियांगशी न केवल मौजूदा कैबिनेट मंत्री हैं, बल्कि वे सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के एक बेहद वरिष्ठ नेता भी हैं। चीन की राजनीतिक व्यवस्था में किसी मौजूदा पदस्थ मंत्री के खिलाफ इस तरह की सीधी कार्रवाई को अत्यंत दुर्लभ और महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो यह संकेत देता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान किसी भी स्तर के अधिकारी को बख्शने वाला नहीं है। सीसीडीआई द्वारा जारी आधिकारिक बयान में हालांकि आरोपों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है, लेकिन गंभीर अनुशासन और कानून उल्लंघन जैसे शब्दों का उपयोग आमतौर पर वित्तीय अनियमितताओं, सत्ता के दुरुपयोग या भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच के लिए किया जाता है। वांग शियांगशी ने जुलाई 2022 में मंत्री का पद संभाला था, और इससे पहले वे चीन की सबसे बड़ी सरकारी ऊर्जा कंपनी नेशनल एनर्जी इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन के रूप में एक प्रभावशाली भूमिका निभा चुके थे। चौंकाने वाली बात यह है कि जांच की घोषणा से महज कुछ दिन पहले ही वे एक सार्वजनिक बैठक में नजर आए थे, जहां पार्टी की आंतरिक मजबूती पर चर्चा की जा रही थी। भ्रष्टाचार के खिलाफ राष्ट्रपति शी जिनपिंग का रुख पिछले कुछ समय में और अधिक कड़ा हुआ है। उन्होंने सार्वजनिक मंचों से कई बार दोहराया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह लड़ाई एक ऐसी जंग है, जिसे चीन किसी भी कीमत पर हारना बर्दाश्त नहीं कर सकता। शी जिनपिंग की प्राथमिकता अपनी पार्टी और सरकार को भीतर से साफ करने की है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष ही रिकॉर्ड 65 वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न जांचों के घेरे में लाया गया था। यह अभियान अब केवल नागरिक प्रशासन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका विस्तार सेना के शीर्ष नेतृत्व, विश्वविद्यालयों और बड़ी सरकारी कंपनियों के प्रमुखों तक हो चुका है। वांग शियांगशी के खिलाफ यह कार्रवाई चीन के सैन्य ढांचे में हुई हालिया उथल-पुथल के ठीक बाद आई है। पिछले हफ्ते ही रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि सेना के दूसरे सबसे शक्तिशाली जनरल झांग योउशिया के खिलाफ भी जांच की प्रक्रिया चल रही है। जनरल झांग की स्थिति राष्ट्रपति शी के बाद सबसे प्रभावशाली मानी जाती थी। इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी ने इनर मंगोलिया क्षेत्र के पूर्व पार्टी प्रमुख सुन शाओचेंग के खिलाफ भी जांच शुरू की है। एक के बाद एक कद्दावर नेताओं पर गिरती यह गाज स्पष्ट करती है कि चीन के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व में एक बड़े बदलाव और सफाई की प्रक्रिया जारी है। वीरेंद्र/ईएमएस/01फरवरी2026