गाजा(ईएमएस)। गाजा पट्टी में शनिवार सुबह इजराइल द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों में कम से कम 37 फिलिस्तीनियों की जान चली गई। अक्टूबर में हुए संघर्ष विराम समझौते के बाद से किसी एक दिन में मरने वालों की यह सबसे बड़ी संख्या है। अस्पताल अधिकारियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इजराइल ने हमास पर संघर्ष विराम की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था, जिसके ठीक एक दिन बाद गाजा के कई रिहायशी इलाकों, अपार्टमेंटों और विस्थापितों के शिविरों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में सबसे अधिक तबाही खान यूनिस के उन इलाकों में देखी गई, जहां बेघर हुए लोगों ने तंबुओं में शरण ले रखी थी। इन घातक हमलों में दो परिवारों की दो महिलाएं और छह बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। गाजा शहर के प्रमुख शिफा अस्पताल के निदेशक ने बताया कि शहर के एक पुलिस थाने पर भी जबरदस्त हवाई हमला हुआ, जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग मलबे में दबकर घायल हो गए। यह हमला उस समय हुआ जब मिस्र की सीमा पर स्थित राफा क्रॉसिंग को खोलने की तैयारी चल रही थी। वर्तमान में इलाके की सभी सीमाओं को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे मानवीय सहायता और घायलों के इलाज के लिए बाहर जाने के रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं। शनिवार के घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि तमाम अंतरराष्ट्रीय समझौतों के बावजूद गाजा में आम नागरिकों के हताहत होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। नासिर अस्पताल द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, खान यूनिस के तंबू शिविर पर हुए हमले के कारण भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में एक ही परिवार के सात सदस्य जिंदा जल गए, जिनमें तीन मासूम बच्चे भी शामिल थे। वहीं, गाजा सिटी की एक बहुमंजिला इमारत पर हुए हमले में एक बुजुर्ग महिला, उनकी बहू और तीन पोते-पोतियों की मौत हो गई। पुलिस थाने पर हुए हमले के बारे में बताया गया है कि वहां तैनात चार महिला पुलिसकर्मियों समेत कई अधिकारी और हवालात में बंद कैदी भी मारे गए हैं। हमास के आंतरिक मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिक सुरक्षा का खुला उल्लंघन करार दिया है। हमास ने इन हमलों को लेकर अमेरिका और अन्य मध्यस्थ देशों से हस्तक्षेप की अपील की है ताकि इजराइल पर सैन्य कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया जा सके। दूसरी ओर, इजराइली सैन्य अधिकारियों का कहना है कि ये हमले शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक केवल उन ठिकानों पर किए गए, जहां से संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया था। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 10 अक्टूबर को संघर्ष विराम की घोषणा होने के बाद से अब तक इजराइली गोलीबारी और बमबारी में 500 से अधिक फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है। क्षेत्र में लगातार बढ़ती हिंसा ने एक बार फिर बड़े मानवीय संकट की आशंका पैदा कर दी है। वीरेंद्र/ईएमएस/01फरवरी2026