राष्ट्रीय
01-Feb-2026


विश्वजीत सिंह ने कहा था- प्रशांत कुमार सिंह का दिव्यांग प्रमाण-पत्र फर्जी है अयोध्या,(ईएमएस)। यूपी में अयोध्या के जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। उन्होंने कहा कि बिना किसी दबाव के यह फैसला लिया है और फिलहाल अपने दफ्तर में काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। प्रशांत कुमार ने अपने भाई विश्वजीत सिंह पर गंभीर आपराधिक आरोप भी लगाए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई विश्वजीत सिंह, मुख्तार अंसारी के मऊ गैंग का सक्रिय सदस्य है और उसका फाइनेंशियल एडवाइजर भी रहा है। उनके मुताबिक विश्वजीत सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि विश्वजीत सिंह ने अपने माता-पिता के साथ मारपीट की, जिस मामले में एफआईआर दर्ज है। प्रशांत कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि उनके भाई ने जियो ब्रांच मैनेजर को जान से मारने की धमकी दी और लोगों से वसूली करता है। उन्होंने कहा कि उसका काम लोगों पर पैसे के लिए दबाव बनाना है, वह एक अपराधी है। फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र मामले को लेकर प्रशांत कुमार ने बताया कि 2021 में उनके भाई विश्वजीत सिंह ने सीएमओ मऊ को एक आवेदन देकर कहा था कि प्रशांत कुमार को जारी दिव्यांग प्रमाणपत्र फर्जी है, क्योंकि उस पर तारीख और डॉक्टरों के हस्ताक्षर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सीएमओ मऊ ने फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सीधे उनके खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं, जबकि प्रमाणपत्र उसी कार्यालय से जारी हुआ था। उनके मुताबिक पहले यह जांच होनी चाहिए थी कि प्रमाणपत्र सही है या नहीं। प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि वह अयोध्या के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सामने पेश हुए। वहां से मऊ के सीएमओ से प्रमाण-पत्र की सत्यता के बारे में पूछा गया। जवाब में मऊ सीएमओ ने लिखकर दिया कि प्रमाण-पत्र असली है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रमाण-पत्र को असली बताया जा चुका है तो उसे बार-बार फर्जी क्यों कहा जा रहा है। सिराज/ईएमएस 01फरवरी26