-रिहा शख्स बोला-पाक जेलों में बंद भारतीयों की हालत है खराब, उन्हें भी कराएं आजाद नई दिल्ली,(ईएमएस)। पाकिस्तान ने जेलों में बंद सात कैदियों को रविवार को भारत को सौंप दिया। भारतीय कैदियों की वापसी अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते से हुई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सीमा पर तैनात अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान ने सात कैदियों की रिहाई का आदेश दिया था, जिनको पाकिस्तानी रेंजर्स ने 7 कैदियों को भारतीय सीमा सुरक्षा बल के हवाले कर दिया। पाकिस्तान की तरफ से छोड़े गए सात कैदियों को भारत की तरफ आते ही सबसे पहले आव्रजन कार्यालय तक लाया गया। इन सातों में से 6 पंजाब के रहने वाले हैं, जिनमें से 4 फिरोजपुर, एक लुधियाना और एक जालंधर का रहने वाला है। वहीं, बचा एक कैदी उत्तर-प्रदेश का है। सभी साल 2023 में पाकिस्तान चले गए थे। ये तब हुआ, जब तीन साल पहले पंजाब में बाढ़ आई थी और ये साल लोग अपने जानवरों को बचाने की कोशिश कर रहे थे। पाकिस्तान की कैद से छूटकर भारत आने वाले एक शख्स ने बताया कि जब उसके गांव में पानी का तेज बहाव आया तो पुल गिर गया। उस समय पानी का बहाव बहुत तेज था और वह बहकर पाकिस्तान पहुंच गया। पाकिस्तान के अधिकारियों को उन्होंने समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने और जेल भेज दिया। शख्स ने बताया कि उसे तीन महीनों तक पाकिस्तान की जेल में रहना पड़ा, जहां बेरहमी से पीटा गया। पाकिस्तान की जेलों में कैद भारतीयो की हालत बेहद खराब है। कोई अंधा है तो किसी के पैर खराब हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की कैद से भारत आए एक दूसरे शख्स ने कहा कि उसे भी 3 महीने तक पाकिस्तान की कैद में रहना पड़ा। शख्स ने मांग की कि पाकिस्तान की जेलों में बंद दूसरे भारतीय कैदियों को भी भारत लाया जाना चाहिए। पाकिस्तान की जेलों में बंद कैदियों की हालत बद्तर है। उसने कहा कि वहां एक मानसिक अस्पताल में भारत के 18 नागरिक भर्ती हैं। सिराज/ईएमएस 01फरवरी26