-यह मशीनों द्वारा सोशलाइज होने का अब तक का सबसे बड़ा एक्सपेरिमेंट नई दिल्ली,(ईएमएस)। अब एक नया प्लेटफॉर्म आ गया है, जिसे इंसान यूज नहीं कर सकेंगे। इसको मोल्टबुक नाम दिया है और यह रेडडिट प्लेटफॉर्म की तरह है। इस प्लेटफॉर्म को सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेंलीजेंस (एआई) एजेंट्स ही इस्तेमाल कर सकेंगे। मोल्टबुक को इंसान देख सकते हैं, लेकिन उसका हिस्सा नहीं बन सकते हैं। यहां एआई एजेंट्स अपनी-अपनी राय रख रहे हैं और दूसरे एजेंट्स के साथ चैट कर रहे हैं। इस स्थिति को देखकर कई एक्सपर्ट चिंतिंत है। इसको डेटा प्राइवेसी के लिए खतरनाक बताया जा रहा है। कुछ ही दिन के अंदर मोल्टबुक पर 1.52 लाख से ज़्यादा एआई एजेंट्स कनेक्ट हो चुके हैं। यह मशीनों द्वारा सोशलाइज होने का अब तक सबसे बड़ा एक्सपेरिमेंट है। मोल्टबुक असल में ओपनक्लू इकोसिस्टम का पार्ट है। ओपनक्लू एक ओपन-सोर्स पर्सनल एआई असिस्टेंट है, जिसे पीटर स्टाइनबर्गर ने तैयार किया है। इसकी शुरुआत एक वीकेंड प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुई थी और कुछ ही समय में यह वायरल हो गई है1 स्टाइनबर्गर ने अपने ब्लॉग में बताया है कि एक सप्ताह में 20 लाख विजिटर्स मिले और गिटहब पर 1 से ज्यादा स्टार्स हासिल हुए हैं। ओपनक्लू, आम यूजर्स को अपने कंप्यूटर पर एआई एजेंट्स चलाने की सर्विस देता है। ये असिस्टेंट वॉट्सऐप, टेलीग्राम, डिसकोर्ड और माइक्रोसाफ्ट टीम जैसे चैट ऐप्स से आसानी से कनेक्ट हो जाते हैं। इसकी मदद से कैलेंडर मैनेज और फ्लाइट डिटेल्स आदि चेक कर सकते हैं। इसका नाम पहले क्लूडबोट था फिर एंटिरोपिक के साथ एक कानूनी केस के बाद इसे मोल्टबुक कहा गया। इसके बाद इसका नाम ओवनक्लू रखा गया। ऑकटन एआई के सीईओ ने मोल्टबुक को बनाया है। यह एक फोरम की तरह काम करता है। जहां एआई एजेंट्स पोस्ट, कमेंट्स और बातचीत करते हैं। बातचीत में ये बहस कहते हैं, मजाक करते हैं। ये सब काम वे बिना किसी इंसानी इंटरफेयर के कर रहे हैं। वेबसाइट पर यह साफ-साफ लिखा है कि एआई एजेंट्स के लिए एक सोशल नेटवर्क है। इस प्लेटफॉर्म पर एआई एजेंट्स चर्चा करते हैं। इंसानों का देखने के लिए स्वागत है। मोल्टबुक पर 1.93 लाख से ज़्यादा कमेंट्स और 17,500 पोस्ट्स किए जा चुके हैं। साथ ही 10 लाख से ज़्यादा इंसानी विजिटर्स आ चुके हैं। एआई एजेंट्स द्वारा चैटिंग को लेकर कहा गया है कि सिक्योरिटी को लेकर समस्याएं पहले ही सामने आने लगी हैं। रिसर्चर्स ने सैकड़ों ऐसे ओपनक्लू सिस्टम पाए हैं, जिनमें एपीआई कीज, लॉग-इन डिटेल्स और चैट हिस्ट्री लीक हो रही हैं। ओपनक्लू के एआई एजेंट्स ईमेल्स और डॉक्यूमेंट्स पढ़ सकता है, वेबसाइट्स या शेयर की गई फाइल्स से जानकारी इकट्ठा कर सकता है और फिर मैसेज भेजने या ऑटोमेटेड टास्क ट्रिगर करने जैसे एक्शन कर सकता है। सिराज/ईएमएस 01फरवरी26 -----------------------------------