क्षेत्रीय
01-Feb-2026
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- बरगी बांध की दाईं नहर टूटने से मचा कोहराम जबलपुर (ईएमएस)। जबलपुर अनुभाग के अंतर्गत ग्राम सगड़ा-झपनी के पास रविवार की दोपहर उस वक्त कोहराम मच गया जब बरगी बांध की दाई तट नहर अचानक फूट गई| नहर के फूटने से आसपास के किसानों के खेतों में पानी भर गया और उनकी फसलें खराब हो गई| घटना की सूचना मिलने पर बरगी बांध नहर प्रबंधन और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे| सबसे पहले नहर में आने वाले पानी को बांध के गेटो से बंद कराया| कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने इस घटना से क्षतिग्रस्त हुई फसलों का सर्वे करने और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के निर्देश जारी कर दिए हैं| एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह ने बताया कि बरगी बांध के उन गेटों को बंद किया गया जहां से दाईं तट नहर में पानी की आवक हो रही थी । उन्होंने ने दावा किया कि नहर में पानी की आवक पूरी तरह बंद कर दी गई है, वहीं इसके साथ ही जिस स्थान पर नहर टूटी है उसके आगे के नहर के सभी गेट खोल दिये गये हैं, ताकि खेतों में भरे पानी की निकासी तेजी से हो सके। एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह एवं बरगी बांध दाईं तट नहर की कार्यपालन यंत्री बरगी बांध संभाग क्रमांक 4 श्रीमति श्रद्धा बंसोडकर मौके पर खुद मौजूद रहे। फसलों के नुकसान का सर्वे........... एसडीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर नहर के टूटने के कारण खेतों में पानी भर जाने से फसलों को हुये नुकसान का सर्वे प्रारंभ कर दिया गया है। प्रभावित किसानों राहत राशि का वितरण किया जाएगा। कार्यपालन यंत्री बरगी बांध की दाईं तट नहर के मुताबिक रविवार की दोपहर लगभग 12 बजे बरगी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सगड़ा के पास मुख्य नहर के टूटने से नरई नाला से लगे कुछ खेतों में पानी भर गया। सूचना मिलते ही बरगी बांध से दाईं तट नहर से पानी की निकासी पूरी तरह बंद कर दी गई है तथा नहर टूटे हिस्से के आगे के नहर के सभी गेट खोल दिये गये। उन्होंने बताया कि नहर टूटे हुये हिस्से से पानी नरई नाला में जा रहा है जो आगे जाकर नदी में मिल रहा है। घरों में घुसा पानी, फसलें खराब.......... नहर टूटने से भारी मात्रा में पानी ग्रामीण इलाकों में घुस गया है, जिससे क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालत बन गए। जल स्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि ग्रामीणों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। नहर फूटने के बाद निकले पानी के सैलाब ने सगड़ा के पास के रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है। पानी के तेज बहाव के कारण दर्जनों गाँवों का संपर्क टूट गया है। लोगों के घरों के अंदर दो से तीन फीट तक पानी भर गया है, जिससे गृहस्थी का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है। सबसे बुरा हाल किसानों का है| खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। ग्रामीण अपने मवेशियों और जान-माल की सुरक्षा के लिए ऊंचे स्थानों की ओर भाग रहे थे। मेंटेनेंस में लापरवाही का आरोप........... किसानों पर ग्रामीणों का यह आरोप है कि घोर प्रशासनिक लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ| दाईं तट नहर के तटबंद लंबे समय से कमजोर थे| कई बार इसकी शिकायत नहर प्रबंधन से की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने हमेशा इसे अनदेखी और अनसुनी की, जिसका परिणाम इस घटना के रुप में आया। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के घंटों बाद तक राहत और बचाव कार्य शुरु नहीं हो सका था| इधर एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह का कहना है कि घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरु कर दिए गए थे, लिहाजा कही जनहानि नहीं हुई| खेतों में पानी ​घुसने से फसलों का नुकसान जरुर हुआ हैं जिस पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सर्वे कर पीड़ित किसानों को राहत राशि देने के निर्देश जारी कर दिए है| क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे प्रारंभ कर दिए गया है| सुनील साहू / मोनिका / 01 फरवरी 2026