क्षेत्रीय
01-Feb-2026


मंडला (ईएमएस)। नर्मदा जी वार्ड क्रमांक 3 के निवासी श्री सुरेश चंद्र चौरसिया के लिए हर महीने आने वाला 3 हजार से 5 हजार रुपये का बिजली बिल बड़ी आर्थिक चिंता बन चुका था। घरेलू खर्चों के बीच बढ़ते बिजली बिल ने उन्हें किसी स्थायी समाधान की तलाश में सोचने पर मजबूर कर दिया। इसी खोज के दौरान श्री मुझे भारत सरकार की ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के बारे में जानकारी मिली। योजना की उपयोगिता और सरकारी सहयोग से प्रभावित होकर श्री सुरेश चंद्र ने इसे अपनाने का निर्णय लिया। श्री सुरेश चंद्र ने 24 दिसंबर 2025 को अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कराया। श्री सुरेश चंद्र बताते हैं कि 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए 2 लाख 15 हजार रुपए लागत लगी है जिसमे सरकार द्वारा मुझे 78 हजार रुपए की सब्सिडी मिली है। शुद्ध निवेश 1 लाख 37 हजार हुआ है। सोलर प्लांट लगने के बाद श्री सुरेश चंद्र के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आया। जो बिजली बिल पहले हजारों रुपये में आता था, वह अब शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, सोलर पैनल से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को वे ग्रिड (विद्युत वितरण कंपनी) को वापस भेज रहे हैं, जिसके कारण उनका बिजली बिल अब ‘माइनस’ में आने लगा है। अब वे बिजली का उपयोग भी कर रहे हैं और साथ ही पैसे भी बचा रहे हैं। श्री सुरेश चंद्र गर्व से कहते हैं कि सोलर ऊर्जा ने न सिर्फ उन्हें आर्थिक राहत दी है, बल्कि वे नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। श्री सुरेश चंद्र चौरसिया की यह कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो बढ़ते बिजली बिल से परेशान हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ने यह साबित कर दिया है कि सही जानकारी और सही निर्णय से न केवल खर्च कम किया जा सकता है, बल्कि भविष्य को भी सुरक्षित बनाया जा सकता है। ईएमएस / 01 फरवरी 2026