विगत तीन दिनों में पुलिस की त्वरित कार्यवाही से बचीं 7 अनमोल जिंदगियां भोपाल(ईएमएस)। । मध्यप्रदेश पुलिस का ध्येय वाक्य देश भक्ति-जन सेवा केवल एक नारा नहीं, बल्कि विषम परिस्थितियों में हमारे जवानों के अदम्य साहस का परिचायक है। प्रदेश में संचालित डायल-112 एकीकृत आपातकालीन सेवा ने पिछले तीन दिनों में अपनी उपयोगिता सिद्ध करते हुए विदिशा, बड़वानी, बैतूल और सागर जिलों में त्वरित रिस्पॉन्स (Quick Response) के माध्यम से नागरिकों को बचाया है। विदिशा: कर्तव्यनिष्ठा और साहस का उत्कृष्ट उदाहरण विदिशा के नटेरन थाना क्षेत्र अंतर्गत एक हृदयविदारक दुर्घटना को पुलिस की सक्रियता ने टाल दिया। घने कोहरे और शून्य दृश्यता (Zero Visibility) के कारण एक थार जीप अनियंत्रित होकर बाह नदी में जा गिरी। सूचना प्राप्त होते ही डायल-112 वाहन (FRV) तत्काल घटनास्थल पर पहुँची। कड़ाके की ठंड और अंधेरे की परवाह किए बिना, एफआरव्ही स्टाफ सैनिक गजेन्द्र रघुवंशी और पायलट तीरथ सिंह अहिरवार ने 10-12 फीट गहरे पानी में छलांग लगा दी। उनकी सूझबूझ और अदम्य साहस के परिणामस्वरूप जीप में फंसी तीन युवतियों को सकुशल बाहर निकाला। इसके अलावा विदिशा के सिरोंज डैम में आत्महत्या के उद्देश्य से कूदी 18 वर्षीय युवती को एफआरव्ही स्टाफ (आरक्षक शैलेन्द्र राजपूत एवं पायलट मनोज झा) ने समय रहते रेस्क्यू कर अस्पताल पहुँचाया। इसके अतिरिक्त डायल- 112 ने अन्य जिलों में भी मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया है। बड़वानी जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने कसरावद पुल से नदी में कूदने का प्रयास कर रही 30 वर्षीय महिला को प्रधान आरक्षक जगन सोलंकी एवं पायलट सौरभ ने मनोवैज्ञानिक तरीके से समझाकर (Counseling) सुरक्षित बचाया। सागर जिले में फांसी लगाने का प्रयास कर रहे युवक के घर देरी किए बिना पहुँचकर आरक्षक शोभाराम यादव एवं पायलट सोने सिंह लोधी ने दरवाजा तोड़कर युवक की जान बचाई। बैतूल के थाना चोपना क्षेत्र में अज्ञातकारणों से आत्महत्या के उदेश्य से अवसादग्रस्त 20 वर्षीय युवती ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। सूचना पर डायल-112 जवानों ने मौके पर पहुंचकर युवती को एफ़ आर व्ही वाहन से अस्पताल पहुंचाया। ये घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा का रिस्पॉन्स टाइम और जीपीएस आधारित डिस्पैच सिस्टम राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी भूमिका निभा रहा है। हमारे जवान न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशिक्षित हैं, बल्कि आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता में भी फर्स्ट रिस्पॉन्डर (First Responder) के रूप में कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन को आश्वस्त करती है कि आपकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल 112 डायल करें। हरि प्रसाद पाल / 01 फरवरी, 2026