- कंपनी ने कहा, जीएसटी दरों में कटौती के बाद बाजार में मजबूत बनी हुई है मांग नई दिल्ली (ईएमएस)। मारुति सुजुकी इंडिया के एक वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी ने सोमवार को संकेत दिया कि कच्चे माल और कीमती धातुओं की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनी अपने वाहनों की कीमतों में संभावित वृद्धि पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी हमेशा ग्राहकों पर लागत का बोझ कम से कम रखने का प्रयास करती रही है। हालांकि, एक सीमा के बाद लागत बढ़ोतरी को ग्राहकों पर स्थानांतरित करना आवश्यक हो सकता है। उन्होंने बताया कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती के बाद बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। सितंबर 2025 में जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद कंपनी ने एस-प्रेसो, ऑल्टो, सेलेरियो और वैगन-आर की कीमतों में 79,600 रुपये से 1,29,600 रुपये तक की कटौती की थी। कंपनी के पास वर्तमान में 1.75 लाख लंबित ऑर्डर हैं, जबकि जनवरी में 2.78 लाख नई बुकिंग मिली, जो सालाना आधार पर 25 फीसदी की वृद्धि दर्शाती है। रोजाना लगभग 9,000 से 10,000 बुकिंग हो रही हैं। जनवरी में कुल बिक्री 2,36,963 इकाई दर्ज की गई, जबकि निर्यात 51,020 इकाई तक पहुंचकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। मारुति की नई एसयूवी विक्टोरिस ने पांच महीने में 50,000 इकाई की बिक्री पार कर ली है। हरियाणा के खरखौदा संयंत्र को अप्रैल 2026 तक परिचालन में लाया जाएगा। इसके बाद गुजरात संयंत्र में चौथी उत्पादन लाइन शुरू होगी, जिससे सालाना पांच लाख इकाई की अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। इस महीने घरेलू बाजार में इलेक्ट्रिक एसयूवी ‘ई-विटारा’ भी लॉन्च होगी। सतीश मोरे/02फरवरी ---