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02-Feb-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। स्वदेशी गाइडेड पिनाका रॉकेट की पहली खेप आर्मेनिया को भेजे जाने के तुरंत बाद भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान चार दिवसीय दौरे पर रविवार को आर्मेनिया पहुंच गए। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में बेहद अहम कदम माना जा रहा है। क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर इसके संकेत पाकिस्तान और उसके सहयोगी देशों के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। सीडीएस जनरल अनिल चौहान एक उच्चस्तरीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल के साथ आर्मेनिया की राजधानी येरेवान पहुंचे। उनके स्वागत के लिए आर्मेनिया में भारत की राजदूत निलाक्षी साहा सिन्हा और आर्मेनियाई सशस्त्र बलों के डिप्टी चीफ मेजर जनरल तैमूर शाहनजार्यन मौजूद रहे। इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह दौरा साझा रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने और दीर्घकालिक रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरे की टाइमिंग खास मानी जा रही है, क्योंकि कुछ ही सप्ताह पहले भारत ने आर्मेनिया को स्वदेशी रूप से विकसित गाइडेड पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम की पहली खेप सौंपी है। इस सिस्टम का निर्माण पुणे स्थित सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड द्वारा किया गया है। वर्ष 2022 में आर्मेनिया ने भारत से करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत से चार पिनाका रॉकेट सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। इससे पहले भारत 2024 तक अनगाइडेड पिनाका रॉकेट सिस्टम की आपूर्ति पूरी कर चुका है। गौरतलब है कि डीआरडीओ द्वारा विकसित पिनाका रॉकेट सिस्टम का आर्मेनिया पहला अंतरराष्ट्रीय खरीदार है। यह भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल और रक्षा निर्यात को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने की रणनीति की बड़ी सफलता मानी जा रही है। भारत अब न केवल रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि विश्वसनीय डिफेंस एक्सपोर्टर के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। भारत के लिए बेहद अहम है आर्मेनिया रणनीतिक दृष्टि से आर्मेनिया भारत के लिए बेहद अहम देश है, क्योंकि यह रूस, तुर्की और ईरान की सीमाओं से सटा हुआ है। वहीं, पाकिस्तान और आर्मेनिया के बीच लंबे समय तक कोई राजनयिक संबंध नहीं रहे थे। ऐसे में आर्मेनिया के साथ भारत की बढ़ती रक्षा साझेदारी पाकिस्तान के लिए ‘डबल झटका’ मानी जा रही है—पहले उसके सहयोगी अजरबैजान के प्रतिद्वंद्वी देश को पिनाका रॉकेट की आपूर्ति और अब भारत के सर्वोच्च सैन्य अधिकारी की आर्मेनिया यात्रा ने क्षेत्रीय समीकरणों में नई हलचल पैदा कर दी है। हिदायत/ईएमएस 02फरवरी26