ब्यावरा (ईएमएस ) गत दिवस माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर ब्यावरा नगर में अहिरवार समाज द्वारा संत शिरोमणि रविदास (रैदास) जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई l इस मौके पर अहिवार समाज के लोगों द्वारा नगर में भव्य चल समारोह निकाला गया l प्राता 11 बजे नगर के मातामंड स्थित समाज की धर्मशाला से शुरू हुआ चल समारोह पीपल चौराहा, अहिंसा द्वार, इंदौर नाका, पुरानी तहसील होते हुए पुनः धर्मशाला पंहुचा l इस दौरान चल समारोह में बड़ी संख्या में शामिल महिला -पुरुष और बच्चे डीजे और ढोल नगाडो की थाप पर नाचते गाते हुए चल रहे थे, वही जुलुस में शामिल संत रविदास जी की झाकी ने सबका मन मोह लिया l इस अवसर पर बड़ी संख्या में जुलुस में शामिल भारतीय बौद्ध महासभा महिला विंग की कार्यकर्ताओ ने बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया, वही नगर में जगह जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर चल समारोह का स्वागत किया l जुलुस के धर्मशाला पहुंचने के बाद सर्व प्रथम संत रविदास जी सहित दलित महापुरुषों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई l इस मौके पर वक्ताओ ने कहा कि संत रविदास मध्य काल के महान संत थे। जिन्होंने जात- पात को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। संत रविदास जी ने जनसाधारण की भाषा का प्रयोग करते हुए अपने दोहो एवं पदों के माध्यम से समाज में जातिगत भेदभाव को दूर कर सामाजिक एकता पर बल देते हुए मानवतावादी मूल्यों की नींव रखी। संत रविदास ऐसे समाज की कल्पना करते थे जहां किसी भी प्रकार का लोभ,लालच,दुख दरिद्रता और भेदभाव ना हो।आज के युग में हमें उनके विचारों से सीख लेनी चाहिए और उनके बताए मार्ग पर चलकर मानवता के कल्याण के लिए अपना योगदान देना चाहिए।कार्यक्रम में समाज के सेकड़ो लोग शामिल हुए l - निखिल कुमार (ब्यावरा )2/2/2026