0 दिल्ली धरने के बाद भी खाली हाथ लौटा बिलासपुर एयरपोर्ट, समिति नाराज़ 0 केंद्र से उम्मीद टूटी, अब राज्य बजट पर टिकी बिलासपुर एयरपोर्ट की निगाहें बिलासपुर (ईएमएस)। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में बिलासपुर एयरपोर्ट के 4-सी श्रेणी विस्तार के लिए किसी भी प्रकार की राशि या योजना शामिल न किए जाने पर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कड़ा विरोध जताया है। समिति ने इसे बिलासपुर और पूरे संभाग की हवाई आवश्यकताओं की अनदेखी करार दिया है। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि दिसंबर माह में दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से स्थानीय मंत्री तोखन साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की थी। उस दौरान बिलासपुर एयरपोर्ट को 4-सी श्रेणी में विकसित करने के लिए कम से कम 300 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत करने की मांग रखी गई थी। समिति का कहना है कि मंत्री राम मोहन नायडू ने उस समय सकारात्मक रुख दिखाते हुए आश्वासन दिया था कि बिलासपुर एयरपोर्ट के लिए कुछ न कुछ अवश्य किया जाएगा। इसी भरोसे के चलते समिति को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन बजट में कोई घोषणा न होने से निराशा और आक्रोश व्याप्त है। अब राज्य सरकार के बजट से 200 करोड़ की उम्मीद हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने अब राज्य सरकार से मांग की है कि चूंकि बिलासपुर का बिलास देवी केवट एयरपोर्ट राज्य सरकार के स्वामित्व में है, इसलिए आगामी राज्य बजट में इसके 4-सी श्रेणी विस्तार के लिए कम से कम 200 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जाए। समिति ने बताया कि एयरपोर्ट के पूर्ण 4-सी श्रेणी विस्तार के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये की आवश्यकता है, जिसमें रनवे का विस्तार, नया टर्मिनल भवन, नया एटीसी टावर सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। लगातार समिति कर रही धरना-प्रदर्शन इधर, एयरपोर्ट विस्तार की मांग को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महाधरना लगातार जारी है। धरने में रवि बनर्जी, नारद श्रीवास, बद्री यादव, शिरीष कश्यप, केशव गोरख, हर प्रसाद केवट, अमर बजाज, मजहर खान, गोपी राव, प्रतीक तिवारी, अकील अली और सुदीप श्रीवास्तव सहित कई सदस्य शामिल रहे। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 02 फरवरी 2026