-कोर्ट ने दे दी 3 आरोपियों को जमानत नई दिल्ली,(ईएमएस)। बहुचर्चित पुणे पोर्श कार हादसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तीन आरोपियों को जमानत दे दी। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने नाबालिगों द्वारा शराब पीने और वाहन चलाने की घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए इसे बेहद दुखद बताया। कोर्ट ने इस तरह की घटनाओं के लिए माता-पिता की जिम्मेदारी पर भी कड़े शब्दों में टिप्पणी की है। मामले की सुनवाई करे रहे जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुयान की पीठ ने कहा, कि ऐसे मामलों में केवल बच्चों को ही नहीं, बल्कि माता-पिता को भी जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि कई बार वे अपने बच्चों पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं रख पाते। कोर्ट ने नाबालिगों को कार चलाने की अनुमति देने और उन्हें इस तरह के जश्न में शामिल होने देने पर गहरी नाराजगी जाहिर की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नाबालिगों द्वारा शराब का सेवन और फिर तेज रफ्तार कार चलाना समाज के लिए गंभीर खतरा है। जस्टिस नागरत्ना ने अपनी टिप्पणी में कहा, कि पहले नाबालिगों के रूप में शराब का सेवन, फिर उन्हें कार देना और इस तरह जश्न मनाना बेहद दुखद है। आखिरकार माता-पिता बच्चों पर नियंत्रण नहीं रख पाते और वे कार की चाबी ले लेते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मादक द्रव्यों का सेवन अपने आप में गंभीर मुद्दा है, लेकिन नाबालिगों को कार की चाबियां और मौज-मस्ती के लिए पैसे देना पूरी तरह अस्वीकार्य है। पीठ ने कहा कि शराब पीकर जश्न मनाने और तेज गति से वाहन चलाने के कारण सड़क पर चल रहे निर्दोष लोगों या सड़क किनारे सो रहे लोगों की जान जाना अत्यंत निंदनीय है। ऐसे मामलों में कानून को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। जस्टिस नागरत्ना ने सामाजिक पहलू पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आजकल कई माता-पिता के पास अपने बच्चों के साथ समय बिताने का वक्त नहीं होता। इसके विकल्प के तौर पर उन्हें पैसा, एटीएम कार्ड और सुविधाएं दे दी जाती हैं, जिससे बच्चे मोबाइल फोन और बाहरी दुनिया में ज्यादा उलझ जाते हैं। ऐसे माहौल में अनुशासन और जिम्मेदारी की कमी देखने को मिलती है। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा पहले से लगाई गई शर्तों के अधीन आशीष सतीश मित्तल, आदित्य अविनाश सूद और अमर संतोष गायकवाड़ को जमानत दे दी। अदालत ने इस बात को भी ध्यान में रखा कि तीनों आरोपी करीब 18 महीने से जेल में बंद थे। गौरतलब है कि पुणे पोर्श हादसे में तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया था। हिदायत/ईएमएस 02फरवरी26