:: कहा- जल जीवन मिशन का 7000 करोड़ खर्च नहीं कर पाई सरकार; पीड़ितों को मिले 1-1 करोड़ का मुआवजा :: इंदौर (ईएमएस)। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने सोमवार को इंदौर प्रवास के दौरान भागीरथपुरा जल त्रासदी मामले में प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। इंदौर प्रेस क्लब के प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले में जो भी दोषी हो, चाहे वह मंत्री, विधायक, पार्षद या सरकार का कोई भी हिस्सा हो, उन पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य के लिए एक सबक तय हो सके। लांबा ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के पास फंड की कमी नहीं है, लेकिन कुप्रबंधन चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जल जीवन मिशन के तहत आवंटित सात हजार करोड़ रुपये खर्च ही नहीं कर पाई, जिसके कारण इस बार के बजट में कटौती कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इंदौर के लोग जहर (दूषित पानी) पीने को क्यों मजबूर हैं? उन्होंने मांग की कि सरकार पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करे ताकि वे अपना जीवन सम्मानजनक ढंग से जी सकें। :: वोट चोरी और एसआईआर का विरोध :: चुनावों में हार के सवाल पर लांबा ने कहा कि कांग्रेस को जनता नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग और वोट चोरी के माध्यम से हराया जा रहा है। उन्होंने एसआईआर का कड़ा विरोध करते हुए इसे वोट चोरी का एक नया रास्ता बताया। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा चुनाव में 25 लाख फर्जी वोट थे और चुनाव आयोग ने ई-वोटर लिस्ट तक मुहैया नहीं कराई। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी वोट चोरी की प्रक्रिया चल रही है, जिसका पार्टी पुरजोर विरोध करेगी। :: कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल :: देश में महिलाओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अलका लांबा ने कहा कि आज बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब बेटियों को भाजपा के ही विधायकों और सांसदों से बचाने की नौबत आ गई है। नए बजट पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट काला धन रखने वालों को सुरक्षा प्रदान करने वाला है और इसमें जवाबदेही का पूर्ण अभाव है। प्रकाश/02 फरवरी 2026