अंतर्राष्ट्रीय
04-Feb-2026
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जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में सामने आया वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी करीब 30 लाख फाइलें सार्वजनिक कर दी हैं। इन फाइलों के सामने आते ही कई बड़े और रसूखदार लोगों के छिपे हुए सच बाहर आ रहे हैं। इन्हीं दस्तावेजों में नार्वे के एक डिप्लोमैट टेर्जे रॉड-लार्सन का 25 दिसंबर 2015 का एक ईमेल है। इसमें उन्होंने भारतीयों को सांप से भी बदतर बताया है। जारी दस्तावेजों से साफ होता है कि एपस्टीन ने लार्सन को किसी भारतीय नेता का ईमेल फॉरवर्ड किया था। इसके जवाब में लार्सन ने कहा था कि जब आप एक भारतीय और एक सांप से मिलें, तब पहले भारतीय को मार डालो। हालांकि ये अभी तक साफ नहीं है कि लार्सन ने भारतीयों के खिलाफ ये मेल क्यों लिखा था। एपस्टीन फाइल से पता चला था कि लार्सन ने 2013 में बिल गेट्स और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मुलाकात की जानकारी सीधे एपस्टीन को भेजी थी। यह मुलाकात न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी। ईमेल में बैठक की पूरी रिपोर्ट दी गई है। इसमें बताया गया है कि बिल गेट्स ने पाकिस्तान में पोलियो खत्म करने के लिए की जा रही कोशिशों की तारीफ कर कहा था कि इस दिशा में पाकिस्तान ने अपने काम को दोगुना कर दिया है। वहीं, नवाज ने साइंस और तकनीक को आगे बढ़ाने को लेकर अपनी सोच शेयर की थी। बात दें कि लार्सन एक नॉर्वेजियन डिप्लोमैट रहे हैं। वे इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष थे और यूएन में भी काम कर चुके हैं। साल 2020 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जब उनका नाम जेफ्री एपस्टीन से जुड़ा था। हाल ही में जब लार्सन से जब एप्स्टीन से जुड़े मामलों पर सवाल पूछे गए थे, तब उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पूरे मामले में वे लगातार मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। लार्सन नॉर्वे की लेबर पार्टी से जुड़े रहे हैं। साल 1996 में टैक्स से जुड़े मामले में गड़बड़ी की वजह से उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने यूएन में कई पदों पर काम किया और साल 2020 तक इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष रहे। इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट को नॉर्वे के विदेश मंत्रालय के साथ-साथ एपस्टीन से जुड़ी संस्थाओं से भी फंडिंग मिलती थी। बाद में सामने आया कि लार्सन ने एपस्टीन से निजी तौर पर पैसे भी लिए थे। उन्होंने इसके लिए संस्थान के बोर्ड और सहयोगियों से माफी मांगी और खराब फैसले लेने की बात स्वीकार की। आशीष/ईएमएस 04 फरवरी 2026