त्रिपोली(ईएमएस)। लीबिया से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की पश्चिमी लीबिया में एक भीषण हमले के दौरान हत्या कर दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब चार अज्ञात नकाबपोश बंदूकधारी पश्चिमी लीबिया के जिंटान शहर स्थित उनके आवास में जबरन घुस आए। हमलावरों और सैफ अल-इस्लाम के बीच सीधी मुठभेड़ हुई, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। गद्दाफी परिवार के करीबी सहयोगियों ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलावरों ने इस ऑपरेशन को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। घर पर धावा बोलने से पहले बंदूकधारियों ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त कर दिया था, ताकि उनकी पहचान गुप्त रह सके। इस सुनियोजित हमले ने लीबिया की आंतरिक सुरक्षा और वहां सक्रिय सशस्त्र समूहों की शक्ति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सैफ अल-इस्लाम की टीम ने लीबियाई अदालतों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष जांच करने, अपराधियों की पहचान करने और इस साजिश के पीछे के मास्टरमाइंड को जवाबदेह ठहराने की पुरजोर अपील की है। सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी का व्यक्तित्व और उनका राजनीतिक सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से शिक्षित सैफ को एक समय लीबिया का आधुनिक और पश्चिमी देशों के लिए स्वीकार्य चेहरा माना जाता था। हालांकि उनके पास कोई आधिकारिक सरकारी पद नहीं था, लेकिन अपने पिता मुअम्मर गद्दाफी के चार दशक लंबे शासन के दौरान उन्हें देश का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता था। उन्होंने कई संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय राजनयिक मिशनों में मध्यस्थ की भूमिका निभाई और खुद को एक सुधारक के रूप में पेश किया, जो मानवाधिकारों और संविधान की बात करता था। विपरीत परिस्थितियों का दौर 2011 में शुरू हुआ, जब नाटो समर्थित विद्रोह में उनके पिता की हत्या कर दी गई। उस समय सैफ ने अपने सुधारक वाली छवि को छोड़कर परिवार और कबीले के प्रति वफादारी चुनी और विद्रोहियों के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई का नेतृत्व किया। इसी कारण 2015 में त्रिपोली की एक अदालत ने उन्हें युद्ध अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि, 2017 में एक माफी कानून के तहत रिहा होने के बाद से वे जिंटान में अज्ञात स्थान पर रह रहे थे। वे लीबिया की राजनीति में वापसी की कोशिशों में जुटे थे, लेकिन इस हमले ने उनके सफर का अंत कर दिया। वीरेंद्र/ईएमएस/04फरवरी2026