- सेंसेक्स 83,780 और निफ्टी 25,778 के स्तर पर मुंबई (ईएमएस)। वैश्विक बाजारों से मिलेजुले संकेतों की वजह से बुधवार सुबह भारतीय शेयर बाजारों में मामूली बढ़त दर्ज की गई। सभी प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी देखी गई, हालांकि आईटी शेयरों में गिरावट के कारण बाजार की तेजी सीमित रही। वैश्विक संकेतों, खासकर वॉल स्ट्रीट में टेक शेयरों पर दबाव का असर घरेलू आईटी स्टॉक्स पर भी दिखाई दिया। सुबह शुरुआत के बाद बीएसई सेंसेक्स 44 अंक की बढ़त के साथ 83,783 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 51 अंक चढ़कर 25,778 पर पहुंच गया। ब्रॉड-बेस्ड इंडेक्स में भी हल्की मजबूती देखने को मिली, जहां निफ्टी मिडकैप 100 में 0.04 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.01 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल स्तर पर आईटी और रियल्टी को छोड़कर सभी प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 5.39 प्रतिशत और रियल्टी इंडेक्स में 0.58 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। आईटी शेयरों पर दबाव एंथ्रोपिक द्वारा अपने क्लाउड एआई चैटबॉट के लिए नया लीगल टूल लॉन्च करने के बाद बढ़ा, जिससे एआई सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और मार्जिन घटने की चिंता गहराई। निफ्टी ऑटो, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस इंडेक्स क्रमशः 1.12 प्रतिशत, 1.38 प्रतिशत, 1.05 प्रतिशत और 1.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ प्रमुख गेनर रहे। बाजार के जानकारों के अनुसार निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 25,550–25,600 के स्तर पर है, जबकि 25,850–25,900 का जोन रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया रैली को बनाए रखने में चुनौतियां आ सकती हैं, क्योंकि अधिकांश सेक्टरों में वैल्यूएशन ऊंचे बने हुए हैं। 6 फरवरी को होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम है। वहीं एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई इंडेक्स फ्लैट रहा और शेनझेन में 0.88 प्रतिशत की गिरावट आई, जापान का निक्केई 0.6 प्रतिशत गिरा, और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.73 प्रतिशत नीचे आया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.72 प्रतिशत बढ़ा। पिछले ट्रेडिंग सेशन में अमेरिकी बाजार ज्यादातर हरे निशान में बंद हुए, जबकि नैस्डैक में 1.43 प्रतिशत की गिरावट आई। एसएंडपी 500 में 0.84 प्रतिशत की गिरावट आई, और डॉव जोन्स 0.34 प्रतिशत नीचे आया। 3 फरवरी को, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 5,236 करोड़ रुपए के इक्विटी शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,014 करोड़ रुपए के इक्विटी शेयर खरीदे। सतीश मोरे/04फरवरी ---