राज्य
04-Feb-2026
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- इशिता भाटिया की शादी आईएफएस अधिकारी हिमांशु त्यागी से हुई थी भोपाल (ईएमएस)। मध्य प्रदेश पुलिस कैडर को एक और युवा महिला आईपीएस अधिकारी की सौगात मिली है। उत्तराखंड कैडर की 2024 बैच की आईपीएस अधिकारी इशिता भाटिया को अब मध्य प्रदेश कैडर आवंटित किया गया है। यह कैडर परिवर्तन उनके विवाह के आधार पर किया गया है। इशिता भाटिया का विवाह मध्य प्रदेश कैडर के 2022 बैच के आईएफएस अधिकारी हिमांशु त्यागी से हुआ है। केंद्र सरकार की अखिल भारतीय सेवा कैडर नीति के तहत पति-पत्नी को एक ही राज्य कैडर में सेवा का अवसर देने का प्रावधान है। इसी नीति के अंतर्गत इशिता भाटिया का उत्तराखंड से मध्य प्रदेश कैडर में स्थानांतरण किया गया है। गृह मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की स्वीकृति के बाद इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किए गए हैं। इशिता भाटिया ने वर्ष 2024 की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर आईपीएस सेवा में प्रवेश किया था। वर्तमान में वह प्रशिक्षण काल में हैं। कैडर परिवर्तन के बाद अब वह मध्य प्रदेश पुलिस कैडर में अपनी सेवाएं देंगी। प्रशासनिक हलकों में इसे राज्य के लिए सकारात्मक और लाभकारी कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य को एक और प्रशिक्षित और सक्षम महिला पुलिस अधिकारी मिली है। अफसरों को केंद्र की नीति का मिला फायदा इशिता के पति हिमांशु त्यागी भारतीय वन सेवा के 2022 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश कैडर में पदस्थ हैं। दोनों अधिकारियों के एक ही राज्य कैडर में होने से न केवल पारिवारिक संतुलन बना रहेगा, बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी समन्वय बेहतर होगा। केंद्र सरकार की नीति का उद्देश्य भी यही है कि अधिकारियों को पारिवारिक कारणों से अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। पहले भी कई अधिकारियों का हुआ कैडर ट्रांसफर मध्य प्रदेश में हाल के वर्षों में महिला आईपीएस अधिकारियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय महिला अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने की दिशा में भी सक्रिय रहा है। इशिता भाटिया के आने से महिला नेतृत्व को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि युवा अधिकारियों के आने से पुलिस व्यवस्था में नई सोच और आधुनिक दृष्टिकोण का समावेश होता है। मध्य प्रदेश पुलिस को इशिता भाटिया जैसी युवा आईपीएस अधिकारी के रूप में एक और सशक्त नेतृत्व मिलने जा रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है।