अंतर्राष्ट्रीय
05-Feb-2026
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इस्लामाबाद,(ईएमएस)। भारत और अमेरिका के बीच डील की सहमति बनते ही पाकिस्तान में सेना प्रमुख आसिम मनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ निशाने पर आ गए। लोगों में इतना ज्यादा गुस्सा भर गया कि सोशल मीडिया पर चौतरफा थू-थू हो रही है। पाकिस्तानी यह कहकर अपनी सरकार को ट्रोल कर रहे हैं कि भारत ने पाक की तरह ना तो खुद के जमीर को बेच कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जी हुजूरी की, और ना ही भारत अपनी शर्तों से पीछे हटा। पाकिस्तान के लोगों ने यह तक कह दिया कि ट्रंप ने आसिम मुनीर के साथ रखैल वाला बर्ताव किया। बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बनने के बाद जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इस डील से भारत को बंपर फायदा होने जा रहा है, जहां अमेरिका अब भारत से आयातित उत्पादों पर 50 फीसदी की जगह 18 फीसदी टैरिफ ही लगाएगा। खास बात यह है कि इस समझौते के लिए भारत ने किसानों के हित से कोई समझौता नहीं किया है। पाकिस्तानी यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुनीर की रोती हुई तस्वीर को शेयर कर लिखा, “डोनाल्ड ट्रंप ने फील्ड मार्शल के साथ उस रखैल जैसा बर्ताव किया है जिससे सभी अवैध और गंदे काम करवाए जाते हैं और जब कुछ देने या लेने का समय आता है, तो कहा जाता है कि मैं अपने परिवार के फैसले का पालन करने के लिए मजबूर हूं। मुझे भूल जाओ। एक अन्य यूजर जुबैर ने लिखा, तो इस सरकार द्वारा ट्रंप को खुश करने की इतनी कोशिशों के बाद, यहां तक कि इजरायल शांति बोर्ड के लिए सेना भेजने की बात मानने के बाद भी पाकिस्तान पर 19 फीसदी अमेरिकी टैरिफ लगा दिए गए, जबकि भारत पर अब अमेरिका ने 18 फीसदी टैरिफ लगाए हैं। शानदार विदेश नीति की उपलब्धि! वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, पिछले 6 महीनों में भारत ने यूरोपीय संघ, यूनाइटेड किंगडम, ओमान और न्यूजीलैंड के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए, और अब ट्रंप टैरिफ को भी 18 प्रतिशत तक कम करवा लिया। यह सब किसी के सामने झुके बिना या किसी को नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किए बिना। पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान के समर्थकों और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने भी शहबाज शरीफ सरकार पर निशाना साधा। पूर्व मंत्री हम्माद अजहर ने कहा कि आधुनिक युग में विदेश नीति दिखावे या निजी रिश्तों के बारे में नहीं है। यह आर्थिक ताकत, टैरिफ और बाजार तक पहुंच का फायदा उठाने के बारे में है। भारत के ईयू और अमेरिका के साथ हालिया व्यापार समझौते इस बात को साबित करते हैं। चापलूसी और फोटो खिंचवाना बेकार है। वीरेंद्र/ईएमएस 05 फरवरी 2026