नई दिल्ली,(ईएमएस)। बिहार की राजधानी पटना में एक हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के कथित रेप और हत्या के मामले ने राज्य ही नहीं बल्कि देश की राजनीति को गरमा दिया है। इस घटना को लेकर कांग्रेस ने बिहार सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस मामले में न्याय की मांग कर रहे सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर सरकार किसे बचाने की कोशिश कर रही है। सांसद प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, कि घटना जितनी भयावह है, उससे भी ज्यादा खौफनाक सरकार का रवैया है। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने से लेकर जांच और कार्रवाई तक पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। प्रियंका ने पूछा कि जब एक छात्रा के साथ इतनी गंभीर घटना हुई, तो सरकार निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के बजाय आवाज उठाने वालों को क्यों दबा रही है। उन्होंने इस मामले की तुलना हाथरस, उन्नाव और अंकिता भंडारी जैसे मामलों से करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में एक जैसा पैटर्न दिखाई देता है। प्रियंका के अनुसार, ऐसे मामलों में पीड़िताओं को न्याय दिलाने के बजाय सत्ता अक्सर आरोपियों के पक्ष में खड़ी नजर आती है। उन्होंने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को सरकार की असंवेदनशीलता और दमनकारी सोच का प्रतीक बताया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव छात्रा के लिए न्याय की आवाज उठा रहे थे, लेकिन उसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह साफ संकेत है कि सरकार अन्याय के खिलाफ बोलने वालों को डराना और चुप कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और उसके सहयोगियों का एजेंडा स्पष्ट है—वे अन्याय और अत्याचार के साथ खड़े हैं। इस मामले में राहुल गांधी भी खुलकर पप्पू यादव के समर्थन में सामने आए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके बाद की कार्रवाई ने सिस्टम की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है। राहुल ने आरोप लगाया कि जब पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की, तो वही बीजेपी–एनडीए मॉडल सामने आया, मामले को भटकाना, परिवार को प्रताड़ित करना और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण देना। पप्पू यादव की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध राहुल गांधी ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए कहा कि यह जवाबदेही मांगने वाली हर आवाज को दबाने की कोशिश है। उन्होंने इसे केवल राजनीति नहीं, बल्कि इंसाफ और बिहार की बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा सवाल बताया। कांग्रेस नेताओं के तीखे हमलों के बाद यह मामला अब कानून-व्यवस्था से आगे बढ़कर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। हिदायत/ईएमएस 07फरवरी26