मुजफ्फरपुर, (ईएमएस)। मुजफ्फरपुर जिले में किसानों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे किसान निबंधन अभियान की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन पूरी तरह सक्रिय और सख्त नजर आ रहे हैं। किसानों के निबंधन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करने का संकेत देते हुए जिलाधिकारी द्वारा प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की जा रही है, वहीं आवश्यकता पड़ने पर स्वयं फील्ड विजिट कर जमीनी हकीकत का जायजा भी लिया जा रहा है। इस सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग का सकारात्मक असर जिले में दिखाई दे रहा है। गुरुवार को जिले में कुल 7607 किसानों का निबंधन किया गया। निबंधन के मामले में बरूराज प्रखंड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि बोचहा दूसरे और मरवन तीसरे स्थान पर रहा। वहीं दूसरी ओर अपेक्षित प्रगति नहीं दिखा पाने वाले प्रखंडों में सकरा, मुसहरी एवं पारु जैसे प्रखंड बॉटम सूची में शामिल रहे। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी श्री सेन ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी प्रखंडों में वरीय अधिकारियों को कैंप मोड में कार्य करते हुए मिशन मोड में निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि हर प्रखंडों में जीविका कर्मियों द्वारा माबिलाइज कर कॉमन सर्विस सेंटर/कैंप पर अधिक से अधिक किसानों का निबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं से वंचित न रह जाए। राजस्व कर्मियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें मुख्यालय में बने रहने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी राजस्व कर्मी अपने-अपने पंचायत क्षेत्र में 8 किलोमीटर की परिधि के भीतर ही रहकर किसानों के निबंधन का कार्य सुनिश्चित करेंगे। किसी भी परिस्थिति में बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने या ड्यूटी से अनुपस्थित रहने को गंभीर लापरवाही माना जाएगा। इस क्रम में जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी, साथ ही अपर समाहर्ता राजस्व को निर्देश दिया कि वे राजस्व कर्मियों की उपस्थिति और कार्य निष्पादन की नियमित मॉनिटरिंग करें। ड्यूटी से गायब पाए जाने वाले या कार्य में शिथिलता बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि किसानों के हित से जुड़ा यह कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता में है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में अब तक किसान निबंधन की स्थिति की बात करें तो कुल 1,99,153 किसानों का निबंधन पूरा किया जा चुका है। इनमें से 1,18,125 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के शेष लाभुकों का 50 प्रतिशत तथा नये जमाबंदी वाले किसानों के निबंधन को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष तेजी लाने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से किसानों को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता दी जाती है। यदि निबंधन में किसी प्रकार की ढिलाई होती है तो इसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है। इसलिए सभी संबंधित पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि एक भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे। समीक्षा बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि किसानों को निबंधन की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने के लिए पंचायत स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। पंचायत प्रतिनिधियों, किसान सलाहकारों और संबंधित कर्मियों के माध्यम से किसानों को कैंप स्थल, आवश्यक दस्तावेज एवं निबंधन की अंतिम तिथि की जानकारी दी जाए, ताकि वे समय पर निबंधन करा सकें। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और जिले को किसान निबंधन के मामले में अग्रणी जिलों की श्रेणी में लाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी की सख्त मॉनिटरिंग और प्रशासनिक सक्रियता से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में किसान निबंधन की गति और तेज होगी तथा अधिक से अधिक किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तुषार कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी पश्चिमी, अपर समाहर्ता राजस्व, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन सहित कई अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। संतोष झा- ०६ फरवरी/२०२६/ईएमएस