क्षेत्रीय
06-Feb-2026
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ब्यावरा (ईएमएस ) कृषि उपज मंडी में फरवरी माह की शुरुआत से ही सोयाबीन के दामों में लगातार उछाल आ रहा है। वर्तमान में सोयाबीन के दाम 5800 रुपए क्विंटल पार पहुंच गए है। वर्तमान में सोयाबीन के अधिकतम दाम 5800 से 5850 रुपए चल रहे है। जिले में जिस समय भावांतर योजना के तहत सोयाबीन की खरीदी हो रही थी, उस समय दाम 5200-5300 रुपए क्विंटल चल रहे थे। भावांतर योजना के तहत 15 जनवरी के बाद से खरीदी बंद होने से दाम बढ़ने लगे है। लगभग 20 दिन में ही सोयाबीन के दामों में 500 रुपए क्विंटल की बढ़ोतरी हो गई है। खास बात ये है कि सरकार ने 5328 रुपए समर्थन मूल्य निर्धारित किया था, लेकिन ब्यावरा मंडी में समर्थन मूल्य से भी 500 रुपए क्विंटल अधिक दामों पर सोयाबीन बिक रहा है। मंडी के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में साफ और सूखा सोयाबीन बिकने आ रहा है। साथ ही कम किसानों के पास सोयाबीन बचा है, जिससे मंडी में सोयाबीन के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह सोयाबीन के दामों में बढ़ोतरी की संभावना है। 2016-17 के बाद शुरू हुई योजना, पंजीयन में दूसरे नंबर पर राजगढ़ प्रदेश में 2016-17 में भावांतर योजना शुरू की गई थी। उसके बाद भावांतर योजना बंद कर दी गई थी। 2025 में फिर से भावांतर योजना की शुरूआत की गई थी। 20 अक्टूबर तक जिले में 86 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाए थे। पंजीयन के मामले में उज्जैन पहले और राजगढ़ जिला दूसरे नंबर पर था। भावांतर योजना के तहत 83 हजार से अधिक किसानों ने 16 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन बेचा है। जिले में 40-50 प्रतिशत फसल खराब होने के बाद भी मंडियों में सोयाबीन की बंपर आवक हुई है। साथ ही अभी भी मंडियों में सोयाबीन की बंपर आवक होती जा रही है।अशोक कुमार ठाकुर, सचिव, कृषि उपज मंडी, ब्यावरा ने बताया कि ब्यावरा कृषि उपज मंडी में सभी प्रकार के अनाजों की बंपर आवक होती है। भावांतर योजना के तहत सोयाबीन की बंपर आवक हुई है। दो लाख क्विंटल से अधिक सोयाबीन किसानों ने बेचा है। उसके साथ ही सोयाबीन के दाम लगातार बढ़ रहे है। - 20 लाख क्विं. से अधिक सोयाबीन बेचा सितंबर माह के अंतिम सप्ताह से सोयाबीन मंडियों में बिकने आने लगा था। 24 अक्टूबर से 15 जनवरी तक जिले की 11 मंडियों में भावांतर योजना के तहत सोयाबीन की खरीदी की गई थी। इन 53 दिन में जिले की सभी मंडियों में 16483 मीट्रिक टन यानि की 16 क्विंटल से अधिक सोयाबीन किसानों ने भावांतर योजना के तहत बेचा है। इसके साथ ही बिना भावांतर योजना के तहत जिले की सभी मंडियों में लगभग 4-5 लाख क्विंटल सोयाबीन बेचा गया है। सोयाबीन के दामों में बंपर उछाल ब्यावरा कृषि उपज मंडी में राजगढ़, सुठालिया, गुना जिले के साथ विदिशा, शाजापुर और राजस्थान के बार्डर के इलाकों से किसान मंडी में अनाज बेचने के लिए आते है। गेहूं और सोयाबीन की मंडी में सबसे ज्यादा आवक होती है। 2024 में ब्यावरा मंडी में सोयाबीन के 5500 रुपए से अधिक दाम पहुंचे थे। उसके बाद लगातार दाम कम हो गए थे। भावांतर योजना लागू होने के पहले 4500 रुपए क्विंटल दाम थे। उसके बाद भावांतर योजना शुरू होने से दामों में बढ़ोतरी हो गई थी। इस साल 2026 में फरवरी माह की शुरूआत से ही सोयाबीन के दाम बढ़ रहे है। 5800 रुपए क्विंटल पार दाम पहुंच गए है। अनुमान है कि रबी फसलों की आवक होने के पहले तक सोयाबीन के दाम 6000 रुपए क्विंटल पहुंचने का अनुमान है।-निखिल कुमार (ब्यावरा )6/2/2026