राष्ट्रीय
07-Feb-2026
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-टास्क-बेस्ड कोरियन गेम ले चुका तीन सगी बहनों की जान नई दिल्ली,(ईएमएस)। ऑनलाइन गेमिंग की आदत गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिसका सबसे उदाहरण गाजियाबाद में देखने को मिला। यहां तीन सगी बहनों ने एक टास्क-बेस्ड कोरियन ऑनलाइन गेम की लत के चलते 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि तीनों बहनें गेम में इतनी खो चुकी थीं कि वे नहाने, खाने, स्कूल जाने और सोने जैसे जरूरी काम भी एक साथ किया करती थीं। माता-पिता ने जब गेम खेलने पर उन्हें रोकने की कोशिश की और फटकार लगाई, तो उन्होंने सामूहिक रुप से आत्महत्या जैसा कदम उठाया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग की लत बच्चों को वास्तविक जीवन से काट देती है। आज के बच्चे वर्चुअल दुनिया में इतना समय बिताते हैं कि उन्हें मानसिक दबाव, भय और अकेलेपन की स्थिति का सामना करना पड़ता है। जब वे अपनी भावनाओं को किसी के सामने व्यक्त नहीं कर पाते, तो तनाव उनके अंदर बढ़ता रहता है और यही तनाव उन्हें ऐसे कदम उठाने के लिए मजबूर कर देता है। गाजियाबाद की घटना इसी मानसिक और भावनात्मक दबाव का परिणाम है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे मामलों के पीछे कई परतें छिपी होती हैं माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी, परिवार में भावनात्मक सहारे का अभाव, अत्यधिक स्क्रीन टाइम और इंटरनेट पर उपलब्ध अनियंत्रित कंटेंट का नकारात्मक प्रभाव। अगर बच्चा किसी ऑनलाइन गेम या चैलेंज में असामान्य रुचि दिखाए, तो माता-पिता तुरंत सतर्क हो जाएं और बच्चों से खुलकर बातचीत करें, उन्हें सुने बिना जज किए समझना और यह भरोसा दिलाना बेहद जरूरी है कि वे किसी भी समस्या में अकेले नहीं हैं। मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि कई बार बच्चे ऑनलाइन गेम्स में मिलने वाले टास्क या चैलेंज को वास्तविक जीवन की तरह लेने लगते हैं। वे इसके परिणामों को समझ नहीं पाते और मानसिक दबाव में खतरनाक फैसले ले लेते हैं। ऐसे में समाज और परिवार दोनों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे बच्चों के व्यवहार पर नजर रखें और किसी भी असामान्य संकेत को हल्के में न लें। सही समय पर दिया गया सहारा न सिर्फ एक बच्चे की जिंदगी बचा सकता है, बल्कि पूरे परिवार को टूटने से भी बचा सकता है। सिराज/ईएमएस 07 फरवरी 2026