नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत और मलेशिया के बीच कूटनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मलेशिया के लिए रवाना हो चुके हैं। इस यात्रा को दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की एक्ट ईस्ट नीति के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। रवाना होने से पहले अपने आधिकारिक बयान में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत अब मलेशिया के साथ रक्षा, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और नवाचार जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को पहले से कहीं अधिक मजबूत करना चाहता है। उन्होंने भारत और मलेशिया के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इन रिश्तों में जो गहराई आई है, उसे अब एक समग्र रणनीतिक साझेदारी में बदलने का समय आ गया है। मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में इस यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह का माहौल है। वहाँ रह रहे भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए वेलकम मोदी जी नामक एक भव्य कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है। इस सांस्कृतिक महाकुंभ की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें लगभग 750 कलाकार एक साथ मंच पर सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा, जिसके लिए रिकॉर्ड्स टीम मौके पर मौजूद रहेगी। यह यात्रा न केवल व्यापारिक रिश्तों को गति देगी, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए दोनों देशों के नागरिकों के बीच के जुड़ाव को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता को लेकर विशेष रूप से उत्साहित हैं। इस दौरान व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ उभरते हुए क्षेत्रों में भी सहयोग के नए रास्ते तलाशे जाएंगे। विशेष रूप से रक्षा सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौते होने की संभावना है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं। नई दिल्ली से प्रस्थान के समय प्रधानमंत्री अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आए और उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर यात्रा के उद्देश्यों पर चर्चा की। वीरेंद्र/ईएमएस/07फरवरी2026