नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि दोनों देशों के बीच जारी हालिया संयुक्त बयान से यह साफ हो गया है कि सरकार की गले मिलने वाली कूटनीति का देश को कोई ठोस लाभ नहीं मिला। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि ‘हाउडी मोदी’ पर आखिरकार ‘नमस्ते ट्रंप’ भारी पड़ गया है। गौरतलब है कि ‘नमस्ते ट्रंप’ और ‘हाउडी मोदी’ अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों के प्रतीक माने गए थे। ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम का आयोजन फरवरी 2020 में अहमदाबाद में हुआ था, जबकि ‘हाउडी मोदी’ सितंबर 2019 में ह्यूस्टन में आयोजित किया गया था। इन आयोजनों को दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का सार्वजनिक प्रदर्शन माना गया। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में कहा, कि अमेरिका-भारत के हालिया संयुक्त वक्तव्य में कई अहम पहलुओं पर स्पष्टता नहीं है, लेकिन जो तथ्य सामने आए हैं, वे भारत के हित में नहीं दिखते। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते के तहत भारत अब रूस से तेल आयात बंद करने की दिशा में बढ़ेगा। साथ ही अमेरिका ने यह भी संकेत दिया है कि यदि भारत प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रूस से तेल खरीदता है, तो उस पर 25 प्रतिशत तक का दंडात्मक शुल्क दोबारा लगाया जा सकता है। कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि भारत, अमेरिकी किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए आयात शुल्क में कटौती करेगा, जिसका सीधा नुकसान भारतीय किसानों को होगा। रमेश के अनुसार, अमेरिका से भारत का वार्षिक आयात लगभग तीन गुना तक बढ़ सकता है, जिससे भारत का लंबे समय से बना आ रहा वस्तुओं का व्यापार अधिशेष समाप्त हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को भारत की आईटी और अन्य सेवाओं के निर्यात को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी रहेगी। संयुक्त बयान का हवाला देते हुए रमेश ने दावा किया कि भारत के अमेरिका को वस्तुओं के निर्यात पर पहले की तुलना में अधिक शुल्क लगाए जाने की आशंका है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने कूटनीतिक दिखावे और बड़े आयोजनों पर तो जोर दिया, लेकिन ठोस आर्थिक और व्यापारिक लाभ सुनिश्चित करने में विफल रही। जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि गले मिलने, हाथ मिलाने और तस्वीरें खिंचवाने से देश का हित सुरक्षित नहीं होता। उन्होंने कहा कि ‘हाउडी मोदी’ पर ‘नमस्ते ट्रंप’ भारी पड़ गया और अब हालात ऐसे हैं कि “दोस्त-दोस्त न रहा” जैसी स्थिति बनती दिख रही है। हिदायत/ईएमएस 07फरवरी26