क्षेत्रीय
07-Feb-2026
...


- ईओडब्ल्यू ने दोनो के खिलाफ दर्ज की एफआईआर - एजूकेशन के नाम पर नगर निगम से जमीन लीज पर ली, अपने नाम कराई और अस्पताल बनवाया भोपाल(ईएमएस)। ईओडब्ल्यू ने हरिसिंह धुर्वे, तहसील अधारताल जबलपुर के तत्कालीन तहसीलदार और जॉय एजूकेशन सोसायटी के चेयरमेन अखिलेश मेबनव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। विभाग को शिकायत मिली थी की एजूकेशन के नाम पर सोसायटी द्वारा नगर निगम से जमीन लीज पर ली गई इसके बाद तहसीलदार से मिलीभगत कर उस जमीन को अपने नाम कराते हुए उस पर अस्पताल बनवाया लिया गया। शिकायत की जॉच में सामने आया की तहसीलदार और एजूकेशन सोसायटी के चेयरमेन ने सांठगाठं कर नगर निगम को 3.5 करोड़ की आर्थिक क्षति पहुंचाई है। - यह मिली थी शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ मे जीआरसी, ऑफिस मेस के पास, जबलपुर निवासी राजकुमार ने लिखित शिकायत करते हुए बताया था की जॉय एजुकेशन सोसायटी जबलपुर के द्वारा नगर निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर शासन नगर निगम जबलपुर को हथियाते हुए उसे हानिकारित किया जा रहा है। शिकायत की जांच में पाया गया कि म.प्र. शासन के आदेश के पालन में जॉय एजूकेशन सोसायटी जिसके चेयरमेन अखिलेश मेबन निवासी जबलपुर है, उन्हें शासन की रियायती दरों पर 7500 वर्गफुट की भूमि नगर निगम जबलपुर के अंतर्गत प्लाट नं-440 शैक्षणिक कार्य के लिये 30 सालो की लीज पर आवंटित की गई थी। - लीज की सीमा बढ़वाई और बना दिया अस्पताल तैयार की गई लीजडीड में साफ तोर पर दर्शाया गया था कि यह जमीन सिर्फ शैक्षणिक उपयोग के लिये दी जा रही है, ओर अन्य गतिविधियों के उपयोग करने पर इसके लिये नगर निगम जबलपुर की अनापत्ति आवश्यक होगी। यह लीज साल 2020 में समाप्त हो गई। इसके बाद अखिलेश मेबन चेयरमेन, जॉयएजूकेशन सोसायटी ने 22 अप्रैल 2022 को एक बार फिर 30 साल के लिये शैक्षणिक कार्य हेतु लीज की अवधि बढ़ाई गई। लेकिन अखिलेश मेबन द्वारा नगर निगम जबलपुर की बिना अनुमति के उस पर अस्पताल निर्माण का कार्य वर्तमान में कराया जा रहा है। - तहसीलदार की मिलीभगत हुई उजागर पड़ताल में यह भी साफ हुआ की इस निर्माण कार्य की शुरुआत से ही अखिलेश मेबन द्वारा आधारताल के तत्कालीन तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे के साथ आपराधिक षड़यंत्र रचकर नगर निगम जबलपुर को धोखे में रखकर एजूकेशन के लिये ली गई इस जमीन का मालिकाना हक बिना किसी वैधानिक दस्तावेज के कर लिया गया। जबलपुर शहर के पॉश इलाके में स्थित यह जमीन कलेक्टर गाईड लाइन के मुताबिक वर्तमान में लगभग 3.50 करोड़ रुपये की है। लेकिन आरोपी अखिलेश मेबन द्वारा तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे से मिलीभगत कर शासन को करीब 3.50 करोड़ रुपये की हानि पहुचाना सामने आया। आरोपी अखिलेश मेबन द्वारा स्कूल चलाने के लिए ली गई इस कीमती सरकारी जमीन को लीज पर लेकर इसमें स्कूल संचालित न करते हुए मूल स्वीकृत नक्शा के विपरीत अस्पताल बनाया गया। - तहसीलदार और सोसायटी चेयरमेन के खिलाफ कसा शिंकजा विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार जॉच के बाद अखिलेश मेबन, पूर्व चेयरमेन, जॉय एजूकेशन सोसायटी, जबलपुर निवासी-विजयनगर जबलपुर और हरिसिंह धुर्वे, तत्कालीन तहसीलदार तहसील अधारताल जबलपुर के खिलाफ धारा-318(4), 316(5), 61(2) बीएनएस एवं 7सी, भ्रनिअ 2018 के तहत मामला कायम कर आगे की पड़ताल की जा रही हैं। जुनेद / 7 फरवरी