-कुछ समय बाद नगर निकायों चुनाव होना है, अब फैसला पार्टी हाईकमान को ही लेना है शिमला,(ईएमएस)। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को लेकर संकट गहराता जा रहा है। पहले, प्रदेश अध्यक्ष की तैनाती में एक साल लगा। अब अध्यक्ष की ताजपोशी के ढाई महीने बाद भी कांग्रेस संगठन नहीं बना पाया है। हालात यह हैं कि खुद कांग्रेस के नेता भी अब संगठन के गठन को लेकर उम्मीद खो रहे हैं। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में मायूसी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान ने 6 नवंबर 2024 को एक बड़ा फैसला लेते हुए हिमाचल प्रदेश की राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर की सभी कार्यकारिणियों को एक साथ भंग कर दी थी। उस समय तर्क दिया था कि संगठन को जल्द नए सीरे से खड़ा कर पार्टी को मजबूत किया जाएगा लेकिन विडंबना यह है कि करीब 15 महीने बीत जाने के बाद भी संगठन नहीं बनाया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार का कहना है कि वह अपनी बात हाईकमान के सामने रख चुके हैं। उन्होंने साफ कहा कि अब फैसला पार्टी हाईकमान को ही लेना है। राजनीति के जानकारों की माने तो सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस का संगठन नहीं होना पार्टी के लिए अच्छा संकेत नहीं है। यह स्थिति ऐसे समय में है, जब हिमाचल में पंचायतीराज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनाव कुछ ही समय बाद होना है। नगर निगम चुनाव पार्टी चिन्ह पर लड़े जाते हैं, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा ही अधूरा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस बिना मजबूत संगठन के चुनावी मैदान में कैसे उतरेगी? संगठन के गठन में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस सरकार के अंदर आवाजें उठ रही हैं। राज्य के कृषि मंत्री चंद्र कुमार सार्वजनिक तौर पर संगठन को लेकर टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने संगठन को ‘पैरालाइज्ड’ तक बता दिया था, जो यह दर्शाता है कि सरकार और संगठन के बीच तालमेल की कमी है। सिराज/ईएमएस 08 फरवरी 2026