व्यापार
08-Feb-2026
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- भू-राजनीतिक घटनाक्रम और जिंस बाजार में उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी महत्वपूर्ण रहेगा नई दिल्ली (ईएमएस)। विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की धारणा घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। 12 फरवरी को खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े आने वाले हैं, जो बाजार को महंगाई और आरबीआई की मौद्रिक नीतियों के बारे में संकेत देंगे। इसके एक दिन बाद 13 फरवरी को विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े जारी होंगे, जो विदेशी निवेशकों के रुझान और रुपये की स्थिति पर असर डाल सकते हैं। इस सप्ताह कई प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं। टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अशोक लेलैंड, ओएनजीसी, बजाज इलेक्ट्रिकल्स और आयशर मोटर्स के परिणाम निवेशकों की रुचि का केंद्र होंगे। बाजार के जानकारों के अनुसार, इन नतीजों से न केवल इन कंपनियों के शेयर बल्कि व्यापक बाजार पर भी असर दिखाई देगा। वैश्विक स्तर पर निवेशक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और नैस्डैक कंपोजिट के हालिया प्रदर्शन पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और जिंस (कमोडिटी) बाजार में उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी महत्वपूर्ण रहेगा। भारत और अमेरिका ने हाल ही में एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति जताई है, जिसके तहत दोनों देशों के बीच कुछ वस्तुओं पर आयात शुल्क में कमी होगी। यह कदम द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के साथ ही बाजार में सकारात्मक संकेत दे सकता है। अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर दोनों देशों ने शनिवार को एक साझा बयान जारी किया जिसमें बताया गया है कि किन-किन वस्तुओं पर दोनों देशों में कितना-कितना आयात शुल्क और सीमा शुल्क घटाया जायेगा। इस समझौते से सेक्टर विशेष को लेकर निवेशकों की धारणा प्रभावित होगी। बाजार ‎विशेषज्ञ कहते हैं ‎कि भारतीय इक्विटी बाजार सुदृढ़ीकरण चरण में प्रवेश कर चुका है। अब निवेशकों का ध्यान पूंजीगत व्यय और वास्तविक खर्च पर केंद्रित है। सतीश मोरे/08फरवरी ---